STET मैरिट लिस्ट ने किया अभ्यर्थियों को परेशान, शिक्षा मंत्री के समक्ष रखी मांगे

Smart News Team, Last updated: Wed, 23rd Jun 2021, 7:49 PM IST
  • बिहार बोर्ड की ओर से जारी मैरिट लिस्ट के खिलाफ एसटीईटी के सफल अभ्यर्थियों ने बिहार सरकार, बिहार शिक्षा बोर्ड और के शिक्षा मंत्री के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि विषयबार कटऑफ के आधार पर मैरिट लिस्ट क्यों नहीं जारी की गई. 
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पटना: बिहार शिक्षा विभाग ने सोमवार को एसटीईटी के परिणाम घोषित किये हैं. दरअसल एसटीईटी ने परीक्षा परिणामों में दों कैटेगरी में अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया गया है. इनमें एक ‘क्वालिफाइड एंड इन मेरिट लिस्ट’ जबकि दूसरा ‘क्वालिफाइड बट नॉट इन मेरिट लिस्ट’है. इन श्रेणियों ने पहले रिजल्ट में पास हो चुके अभ्यर्थियों को संकट में डाल दिया है.बिहार बोर्ड की ओर से जारी मैरिट लिस्ट के खिलाफ एसटीईटी के सफल अभ्यर्थियों ने बिहार सरकार, बिहार शिक्षा बोर्ड और के शिक्षा मंत्री के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं.

अभ्यर्थियों का कहना है कि विषयबार कटऑफ के आधार पर मैरिट लिस्ट क्यों नहीं जारी की गई. उन्होंने कहा कि पुरुष और महिला कैटेगिरी अलग-अलग क्यों नहीं जारी की गई. महिला अभ्यर्थी 33 फीसदी आरक्षित है उसके अनुरूप रिजल्ट क्यों नहीं दिया गया. इन लिस्ट में ये स्पष्ट नहीं है कि कितने छात्रों का चयन हुआ है. किस विषय में कितनी रिक्तियां थी कितना रिजल्ट जारी हुआ यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है. बिहार बोर्ड ने जिन 12 विषय का रिजल्ट पहले जारी किया था, उसमें विषय बार सफल छात्रों की संख्या क्यों नहीं दी थी. उसमें सिर्फ रिक्तियां बताई गई थी.

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अभ्यर्थियों ने मांग की है कि जब तय सीटों से कम रिजल्ट आया तो अभ्यर्थी मेरिट से बाहर कैसे हुए. बिहार शिक्षा बोर्ड को इसका जवाब देना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार बोर्ड ने रिजल्ट के समय ही कटऑफ क्यों नहीं निकाला. अभ्यर्थियों ने बताया कि शिक्षामंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था जो सफल हुए हैं सभी की नौकरी पक्की है फिर हमें बाहर क्यों किया गया.

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