पटना

नप गए रिश्वत लेकर गंगा पार कराने वाले

Malay, Last updated: 11/11/2019 11:19 PM IST
बालू माफियाओं से रिश्वतखोरी कर भारी वाहनों को गंगा पार कराने वाले पुलिस कर्मियों की चेहरा बेनकाब करने के लिए पुलिस अधिकारियों की टीम कई दिनों से लगी थी। गांधी सेतु पर तैनात यातायात पुलिस कर्मियों की...
गांधी सेतु पर तैनात 45 घूसखोर पुलिसकर्मी निलंबित

बालू माफियाओं से रिश्वतखोरी कर भारी वाहनों को गंगा पार कराने वाले पुलिस कर्मियों की चेहरा बेनकाब करने के लिए पुलिस अधिकारियों की टीम कई दिनों से लगी थी। गांधी सेतु पर तैनात यातायात पुलिस कर्मियों की वीडियोग्राफी कराई गई। पुलिस की तीसरी आंख ने गांधी सेतु पर यातायात पुलिस की रिश्वतखोरी की पोल खोल दी। सोमवार को वसूली का सबूत हाथ आने के बाद ट्रैफिक एसपी डी अमरकेश ने 45 यातायात पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। ट्रैफिक के एक हवलदार ने वसूली के इस खेल का बड़ा राजफाश है। दो माह से पुलिस की वसूली चल रही थी और ट्रकों के लिए पांच सौ रुपए तक रेट रखा गया था। 

ऐसे चलता था रिश्वतखोरी का खेल
- गांधी सेतु को मलाईदार तैनाती मानी जाती है। 
- तैनाती कराने के लिए यातायात के सिपाही जुगाड़ लगाते हैं। 
- भारी वाहनों को पार कराने के लिए दोनों तरफ से वसूली होती है। 
- रिश्वत के पैसे को ड्यूटी के हिसाब ट्रैफिक पुलिस हिस्सा लगाते हैं। 
- एक दिन में डेढ़ से दो सौ वाहनों को पैसा लेकर पार कराया जाता था। 
- एसपी यातायात ने कई दिनों से कराई मुखबिरी और इकट्ठा किया घूसखोरी का सबूत। 

कांप रहा था सेतु फिर भी पैसे लेकर जाने देते थे भारी वाहन 
सात किलो मीटर का गांधी सेतु काफी जर्जर हो चुका है। मरम्मत का काम चल रहा है। इस कारण से आवागमन एक लेन में चल रहा है। परिवहन सचिव और पटना डीएम के आदेश पर 2018 से ही सेतु पर भारी वाहनों पर रोक लगा दी गई थी। इस संबंधत में आदेश के बाद भी यातायात के पदाधिकारी और सिपाही पैसा लेकर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे थे।   
   
500 रुपए तक तय था रेट, हर शिफ्ट में होती थी वसूली 
गांधी सेतु पर यातायात सिपाहियों और पदाधिकारियों की तीन शिफ्ट में डयूटी लगती थी। तीनों शिफ्ट का पैसा अलग-अलग वसूला जाता था। हर शिफ्ट का हिसाब और वसूली सब अलग अलग खाता में दर्ज किया जाता था। सूत्रों की मानें तो माफियाओं से पांच सौ रुपए में एक बालू या सरिया लदा ट्रक पार कराने का सौदा होता था। जबिक खाने पीने और पेट्रोल डीजल यात्री बस को छोड़ कोई बड़ी गाड़ी सेतु से पार करने की इजाजत नहीं।

बदल दी गई थी पूरी टीम
गांधी सेतु पर रिश्वतखोरी का यह पहला मामला नहीं है। पूर्व में भी माफियाओं से साठगाठ का खुलासा हो चुका है। दो साल में आधा दर्जन से अधिक कार्रवाई हो चुकी है हालांकि सोमवार को हुई कार्रवाई अबब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। पूर्व में कई बार रिश्वतखोरी के खुलासे पर यातायात पुलिस की टीम को गांधी सेतु से एक साथ हटाया गया है। 

माफियाओं से गठजोड़कर रिश्वतखोरी की जा रही थी। गोपनीय जांच में मामला सही पाया गया जिसके बाद 45 यातायात पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। 
- डी अमरकेश, एसपी, यातायात पटना

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