5 करोड़ की डकैती बेनकाब, रत्नालय के लुटेरे दबोचे गए

Malay, Last updated: Tue, 2nd Jul 2019, 5:09 AM IST
आशियाना-दीघा रोड पर पंचवटी रत्नालय में 21 जून को दोपहर 1:00 बजे हुई डकैती की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पिछले 10 दिन से पुलिस की कई टीमें इन डकैतों को दबोचने में जुटी हुई थी। घटना के तुरंत बाद...
पांच करोड़ की डकैती बेनकाब

आशियाना-दीघा रोड पर पंचवटी रत्नालय में 21 जून को दोपहर 1:00 बजे हुई डकैती की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पिछले 10 दिन से पुलिस की कई टीमें इन डकैतों को दबोचने में जुटी हुई थी। घटना के तुरंत बाद आईजी के आदेश पर एसआईटी गठित की गई थी। उत्तर प्रदेश से लेकर नेपाल तक डकैतों की तलाश की गई। आखिरकार सोमवार को डकैतों का सरगना पुलिस के हत्थे चढ़ गया। डकैती करने की योजना कैसे तैयार हुई अभी पुलिस ने यह राज नहीं खोला है।

दीघा या उत्तर प्रदेश 
पांच करोड़ की डकैती में बदमाशों को दीघा से पकड़ा गया या उत्तर प्रदेश से? सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में कई दिनों से पुलिस की छापेमारी चल रही थी। पटना पुलिस यूपी पुलिस से भी संपर्क साध चुकी थी और कई जिलों में अपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा था। 

सोना मिला, हीरा गायब 
पांच करोड़ की डकैती में सोने के आभूषण के साथ हीरा का डाका हुआ था। पुलिस ने एक करोड़ के आभूषण तो बरामद कर लिए लेकिन हीरे का सुराग नहीं लगा है। अब सवाल यह है कि आखिर हीरे कहां और किसके पास हैं?

कहां है बाकी डकैत 
पंचवटी रत्नालय में डकैती की घटना में एक दर्जन बदमाश शामिल थे लेकिन पुलिस के हाथ में सिर्फ तीन बदमाश ही आए। अब सवाल यह है कि बाकी के बदमाश कहा हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तार को लेकर कहां छापेमारी कर रही है।

डकैत गिरफ्तार 
रवि गुप्ता 

डकैती के सरगना रवि गुप्ता आलमगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला है। हत्या लूट और डकैती सहित अन्य जघन्य अपराधों में कुल 16 मुकदमा दर्ज है। अन्य प्रदेशों में भी इसका अपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। यह अलग-अलग नाम बदलकर रहता था। नेताजी, मास्टरजी और पेशेंट नाम से इसे जाना जाता है। 

सिपु कुमार 
आलमगंज के निवासी इस कुख्यात पर सुल्तानगंज में डकैती के साथ अन्य कई अपराधिक मुकदमा दर्ज है। यह रवि गुप्ता के गैंग का सक्रिय सदस्य है। 

विकास कुमार माली 
यह पटना के कई थानों का काफी कुख्यात बदमाश है। डकैती, लूट और अन्य कई जघन्य अपराधों में इसके ऊपर आधा दर्जन से अधिक थाने में 19 मुकदमा दर्ज है। यह भी रवि गुप्ता गैंग का सक्रिय बदमाश है।

अब तक की सबसे बड़ी डकैती 
आशिाना-दीघा रोड पर पंचवटी रत्नालय में 21 जून को दोपहर एक बजे हुई डकैती की घटना अब तक की सबसे बड़ी डकैती है। दोपहर एक बजे बंदूक के बल पर बंधक बनाकर हुई इस बड़ी डकैती ने सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया। डकैतों ने मालिक और एक गार्ड को बंदूक के बट से मारकर घायल कर दिया था। वह 28 मिनट तक डाका डाले और उसके बाद सामान समेटकर चले गए। पटना के व्यस्त इलाके में हुई डकैती के खुलासे को लेकर एक साथ कई टीम को लगाया गया था। इस घटना के बाद लोग सुरक्षा को लेकर चिंता जताने लगे थे। 

अभी कई राज है बाकी 
- डकैती की योजना कैसे बनी?
- दिन दहाड़े डकैती में पकड़े जाने का भय क्यें नहीं था?
- पंचवटी रत्नालय के कोने-कोने की जानकारी डकैतों को कैसे मिली थी?
- डकैत पटना के ही रहने वाले थे फिर भी मुंह खुला क्यों रखे थे?
- क्या बाइक से ही गए थे सभी बदमाश?
- अगर चार पहिया गाड़ी हुई इस्तेमाल तो कहां है वाहन?
- कहां छिपाकर रखे और कहां से बरामद हुए जेवरात?     

पांच करोड़ की डकैती बेनकाब
21 जून को दिन में एक बजे हुई थी डकैती।
28 मिनट तक डकैतों ने डाला था डाका।
6 बैग में पांच करोड़ के जेवरात, रत्न व 13 लाख नगद भकर ले गए थे डकैत।
1.5 किलो मीटर की दूरी पर है राजीव नगर थाना लेकिन नहीं लगी भनक।
10 दिन बाद तीन डकैतों को पकड़कर किया गया खुलासा।  
75 हजार रुपए की सवा तीन किलो की चांदी की ज्वेलरी भी बरामद हुई है।  
300 ग्राम स्टोन बरामद बरामद जिसकी कीमत एक लाख है। 

डकैती की बड़ी घटना का खुलासा करते हुए तीन डकैतों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य डकैतों को लेकर छापेमारी जारी है।
- जितेंद्र कुमार, एडीजी मुख्यालय   

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