पटना

कोरोना से लड़ाई: एनएमसीएच बना कोरोना अस्पताल

Malay, Last updated: 25/03/2020 07:52 AM IST
नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को अब पूरी तरह कोरोना वायरस अस्पताल के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। इमरजेंसी को छोड़कर बाकी सभी वार्डों में अब केवल कोरोना पीड़ित संदिग्ध मरीज ही भर्ती किए जाएंगे।...
corona virus in india

नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को अब पूरी तरह कोरोना वायरस अस्पताल के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। इमरजेंसी को छोड़कर बाकी सभी वार्डों में अब केवल कोरोना पीड़ित संदिग्ध मरीज ही भर्ती किए जाएंगे। जबकि मेडिकल वार्ड में कोरोना के पॉजिटिव मरीज को ही रखा जाएगा। यह निर्णय मंगलवार को अधीक्षक कार्यालय में प्राचार्य की अध्यक्षता में सभी विभागाध्यक्षों के साथ हुई बैठक में लिया गया। बैठक में नोडल  पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार सिन्हा के अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियुक्त प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी सुधीर कुमार भी मौजूद थे। 

इधर, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक और प्राचार्य के साथ वीडियो कॉन्फ्र्रेंंसग कर आवश्यक निर्देश भी दिये। मंगलवार की दोपहर बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने सभी मेडिकल कॉलेजों अस्पताल की ओर से कोरोना को लेकर संदिग्ध मरीजों की देखभाल, चिकित्सा, आइसोलेशशन वार्ड की स्थिति, अन्य मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्था की समीक्षा की। अस्पताल में पर्याप्त मास्क, सैनिटाइजर के इंतजाम के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कोरोना के संक्रमण को रोकने को लेकर हरसंभव इंतजाम करें। 

स्वास्थ्य विभाग के पास जाएगी सूची  
नये कोरोना वायरस अस्पताल के लिए एक सौ वेंटीलेटर, लगभग इतनी ही संख्या में गैस सिलिंडर व पीपीई किट, दवा व अन्य संसाधनों की उपलब्धता के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास सूची भेजी जा रही है। फिलहाल कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों का जांच आरएमआरआई में होगा। बता दें कि एनएमसीएच 750 बेड वाला सूबे का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल है।

संदिग्ध मरीजों का सैंपल आरएमआरआई भेजा गया 
एनएमसीएच में कोरोना वायरस के 25 संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। जिनका सैंपल आरएमआरआई भेजा गया है। नोडल पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार सिन्हा ने बताया कि जांच के लिए लगभग एक सौ मरीज आए थे। जिसमें से संदिग्ध पाए गए 25 मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। उन्होंने बताया कि नौ जांच रिपोर्ट में आठ का जांच रिपोर्ट निगेटिव आया है। शक के आधार पर कुछ का  जांच दोबारा किया जा रहा है। 

इस अस्पताल को राज्यस्तर का कोरोना वायरस अस्पताल बनाया गया है। यह व्यवस्था तब तक रहेगी, जब तक कोरोना वायरस से लोग पीड़ित होते रहेंगे।
-डॉ. गोपाल कृष्ण,  अधीक्षक,  एनएमसीएच

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