लॉक डाउन में राज्य सरकार ने किया राहत पैकेज का ऐलान, गरीबों को एक माह का मुफ्त अनाज

Malay, Last updated: Tue, 24th Mar 2020, 9:29 AM IST
लॉक डाउन के बाद सबसे बर्ड़ी ंचता गरीब परिवारों में ही थी। पूरा देश कोरोना से जंग लड़ रहा है, लेकिन हर दिन कमाकर खाने वाले लोग दो जून की रोटी के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। इस बीच राज्य सरकार के आदेश ने...
लॉक डाउन में राज्य सरकार ने किया राहत पैकेज का ऐलान, गरीबों को एक माह का मुफ्त अनाज

लॉक डाउन के बाद सबसे बर्ड़ी ंचता गरीब परिवारों में ही थी। पूरा देश कोरोना से जंग लड़ रहा है, लेकिन हर दिन कमाकर खाने वाले लोग दो जून की रोटी के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। इस बीच राज्य सरकार के आदेश ने उनका काम आसान कर दिया है। पटना में लगभग साढ़े आठ लाख लोग ऐसे हैं, जिन्हें अब राशन को लेकर समस्या नहीं होगी। जिले में 20 हजार से अधिक सरकारी राशन की दुकाने हैं, जहां वह आसानी से मुफ्त में अनाज ले सकेंगे। भविष्य में पटना के हालात और बिगड़ सकते हैं, इस कारण सरकार ने गरीबों को ध्यान में रखकर योजना बनाई है। 

रविवार को जनता कफ्र्यू की सफलता के बाद लग रहा था कि लॉक डाउन से बाहर आने-जाने वालों की चेन टूटेगी, लेकिन सोमवार को लोगों की मनमानी ने फिर प्रशासन र्की ंचता बढ़ा दी है। हालात ऐसे ही रहे तो सरकार को संक्रमण से बचाने को लेकर कोई बड़ा निर्णय लेना पड़ सकता है। हालांकि डीएम कुमार रवि ने सोमवार की शाम अधिकारियों के साथ बैठक कर लॉक डाउन को लेकर रणनीति तैयार की है। ऐसी टीम बनाई जा रही है, जो मनमानी करने वालों के साथ सख्ती से पेश आएगी। दूसरी तरफ डीजीपी ने भी लॉक डाउन को लेकर पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये हैं।

11 संदिग्धों को भेजा गया एम्स
कुर्जी की एक मस्जिद में रह रहे तजाकिस्तान के 10 नागरिकों को पुलिस ने पकड़कर एम्स भेजा है। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी कि विदेशी छिपकर मस्जिद में रह रहे हैं। कोरोना के संदिग्ध होने की सूचना से आनन-फानन में पुलिस टीम स्वास्थ्य विभाग के साथ पहुंची और उन्हें पटना एम्स भेज दिया।

दहशत में पटना एम्स
बिहार में कोरोना से पहली मौत के बाद पटना एम्स के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी दहशत में हैं। बताया जा रहा है कि संक्रमित मरीज के इलाज के दौरान करीब रहने वाले एक स्वास्थ्य कर्मी ने तो खुद को आइसोलेट कर लिया है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में हुई लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।

एक चूक की बड़ी सजा चुकाएगी जनता 
पटना एम्स में कोरोना संक्रमित सैफ की मौत के बाद शव लेने से पहले परिजनों ने 
कोरोना की जांच रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन डॉक्टरों ने यह कहकर मना कर दिया था कि कोरोना होता तो बहुत पहले ही मर गया होता। पटना एम्स से हुई इस चूक की बड़ी सजा आम लोगों को चुकानी पड़ सकती है। पटना से लेकर मुंगेर के बीच वह कहां-कहां गया और किससे मिला इसकी भी पड़ताल अब तक नहीं हो सकी है। 

कोरोना अपडेट
- लॉक डाउन का उल्लंघन करने वालों पर होगी धारा 269, 277 और 271 के तहत कार्रवाई। 
- सोशल मीडिया पर कोरोना से संबंधित भ्रामक  संदेश फैलाने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई। 
- सोमवार को पटना मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों की संख्या 23 रही। 
- तीन संदिग्ध मरीजों का नमूना पीएमसीएच से जांच के लिए भेजा गया, तीन की रिपोर्ट निगेटिव आई 
- डीएम के निर्देश पर लॉक डाउन को लेकर 12 रैपिड रिस्पांस टीम का किया गया गठन।

पीएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड में तीन बेड बढ़ा दिये गये हंै। गुरुवार तक बेडों की संख्या 100 हो जाएगी। सोमवार को वार्ड में कुल संदिग्ध की संख्या 23 रही, जिनमें तीन की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 
- डॉ बिमल कारक, अधीक्षक

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