स्मार्ट खुलासा: 400 में जन्म, 3200 है मृत्यु प्रमाण की कीमत

Malay, Last updated: Mon, 24th Jun 2019, 7:24 AM IST
पटना में कोई भी सरकारी दस्तावेज बनवाना है तो चढ़ावा देना ही होगा। जन्म से लेकर शादी, जमीन से लेकर बिजली कनेक्शन, और तो और मरने के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र तक बनवाने में चढ़ावे का खेल खत्म नहीं होता।...
प्रतीकात्मक तस्वीर

पटना में कोई भी सरकारी दस्तावेज बनवाना है तो चढ़ावा देना ही होगा। जन्म से लेकर शादी, जमीन से लेकर बिजली कनेक्शन, और तो और मरने के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र तक बनवाने में चढ़ावे का खेल खत्म नहीं होता। हिन्दुस्तान स्मार्ट के पास लगातार आ रही चढ़ावे की शिकायतों पर जब पड़ताल शुरू  की गई तो पांच सरकारी कार्यालय सामने आए। नगर निगम, निबंधन, बिजली विभाग, पीएमसीएच और डीटीओ। सात दिन तक रिपोर्टर ने हर कार्यालय में जाकर जरूरतमंदों से बात की। हर बातचीत मेंं बड़ा खुलासा हुआ। सरकारी कार्यालयों के सामने दलालों का एक जाल है। जैसे ही आम आदमी कार्यालय की दहलीज पर कदम रखता है, यह दलाल अपने जाल मेंं फंसा लेते हैं। दोगुनी—चौगुनी—दसगुनी—सौगुनी कीमत लेकर मिनटों में सर्टिफिकेट बनवाने का दावा करते हैं। साथ ही दलाल यह भी दावा करते हैं कि अगर सीधे कार्यालय चले भी गए तो कई चक्कर काटने के बाद वापस यहीं लौटना है। पेश है आम आदमी के जन्म से लेकर मृत्यु तक चल रहे चढ़ावे के चक्र का खुलासा करती यह खास रिपोर्ट...

बच्चे के जन्म होने के बाद सबसे पहले परिजन जन्म प्रमाण पत्र बनवाने जाते हैं। वैसे तो 10 रुपये में यह प्रमाण पत्र तैयार हो जाता है। कार्यालय के बाहर खड़े दलालों का गिरोह इसके लिए 400 रुपये लेता है। यानी बच्चे के जन्म से ही शुरू हो जाता है रिश्वत का खेल। अब बच्चा बड़ा होकर मोटरसाइकिल लेता है तो उसे जरूरत होती है ड्राइविंग लाइसेंस की। जैसे ही डीटीओ ऑफिस पहुंचता है तो यहां भी दलाल ड्राइविंग लाइसेंस के लिए दोगुनी कीमत मांगते हैं। जब उसकी शादी होती है तो उसे विवाह पंजीयन करवाना होता है। पंजीयन के लिए जब वह कार्यालय पहुंचता है तो बाहर खड़े दलाल दोगुनी नहीं पचासगुनी कीमत पर हाथों हाथ पंजीयन प्रमाण पत्र देने की बात कहते हैं। फिर जमीन खरीदने के लिए रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचता है तो यहां भी अलग ही तंत्र सामने आता है। हर कोई रिश्वत देकर ही कागज तैयार करवा रहा है। जब यह आम आदमी बीमार होने पर अस्पताल पहुंचता है तो वहां भी पैसे का खुला खेल चल रहा है। अंत में मृत्यु होने के बाद जब उसके बच्चे मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने जाते हैं तो वहां भी देनी पड़ती है रिश्वत। इस तरह रिश्वत का चक्र आदमी की जिंदगी से लेकर मौत तक चलता रहता है। 

दलालों ने तय की है कीमत

जन्म प्रमाण पत्र
10 रुपए में तैयार होने वाले इस सर्टिफिकेट के लिए 400—500 रुपए लिए जाते हैं।

विवाह पंजीयन
100 रुपए में होने वाले इस पंजीयन के लिए दलाल 5000 रुपए लेकर बनवाने का दावा करते हैं। 

बिजली कनेक्शन
1661 रुपए देने पर एक महीने बाद, 2500 रुपए देने पर तुरंत लगा दे देते हैं कनेक्शन।

ड्राइविंग लाइसेंस
800 रुपए की  फीस में तैयार होने वाले लाइसेंस के लिए 1600 रुपए मांगे जाते हैं।

जमीन रजिस्ट्री
10 हजार रुपए अतिरिक्त देने के बाद ही किसी भी जमीन की रजिस्ट्री होती है। 

इलाज
पीएमसीएच में बिना पैसे दिए डॉक्टर नहीं करते रेफर। हर विभाग का अलग-अलग रेट तय है। 

मृत्यु प्रमाण पत्र
3200 रुपए लेकर हाथों हाथ मत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर देने का दावा किया जाता है।

समय-समय पर दलालों को पकड़ने के लिए कार्यालयों में छापेमारी की जाती है। अगर किसी के साथ दलाल ठगी कर रहे हैं, तो वे मुझे सीधे शिकायत कर सकते हैं। संबंधित कार्यालय में छापेमारी कर कार्रवाई की जाएगी।  
-कुमार रवि, जिलाधिकारी पटना

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें