ओपीडी में हड़ताल से हलकान हुए मरीज

Malay, Last updated: Sun, 8th Mar 2020, 9:34 AM IST
कोरोना के खौफ के बीच शनिवार को सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों ने ओपीडी ठप कर दी। आईएमए के आह्वान पर डॉक्टरों की हड़ताल का पटना में बड़ा असर दिखा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ मेडिकल कॉलेजों...
पीएमसीएच में कुछ इस तरह मरीजों की लंबी कतार लगी रही। डॉक्टर के न होने पर किसी का इलाज नहीं हुआ।

कोरोना के खौफ के बीच शनिवार को सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों ने ओपीडी ठप कर दी। आईएमए के आह्वान पर डॉक्टरों की हड़ताल का पटना में बड़ा असर दिखा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी पूरी तरह से बंद होने के कारण पटना में पांच हजार से अधिक मरीज बिना उपचार के वापस लौट गए। हालांकि हड़ताल का इमरजेंसी पर कोई असर नहीं पड़ा। पटना मेडिकल कॉलेज में सुबह नौ बजे तक रजिस्ट्रेशन काउंटर पर 604 मरीजों ने पंजीकरण कराया था लेकिन बाद में डॉक्टरों के संगठन ने आकर काउंटर पूरी तरह से बंद करा दिया। डॉक्टरों का ये आक्रोश अपने साथी डॉ. प्रियरंजन कुमार प्रियदर्शी की हत्या को लेकर था। गौरतलब है कि 5 मार्च को नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के मसौरा गांव के रहने वाले डॉ. प्रियदर्शी को उस समय गोली मारी गई थी जब वे हरनौत के गोखुलपुर प्राथमिक अस्पताल में ड्यूटी पर जा रहे थे। हालांकि शनिवार को पटना के जोनल आईजी की तत्परता से डॉ. प्रियदर्शी के कातिल पकड़े गए। 

दलाल बोला-अच्छे डॉक्टर के पास चलोगे
भागलपुर के सहदेव दुर्घटना में घायल हो गए थे। उनका पीएमसीएच में इलाज चल रहा है। शनिवार को उन्हें दिखाना था इसलिए शुक्रवार की रात ही घर से चल दिए। शनिवार को डॉक्टरों की हड़ताल का उन्हें पता नहीं था और पटना में आकर फंस गए। सहदेव का कहना है कि पंजीकरण काउंटर पर सुबह से इंतजार में बैठे रहे। डॉक्टर साहब तो नहीं आए लेकिन दो-तीन लोग कई बार मेरे पास आए। हर बार उन्होंने कहा कि अच्छे डॉक्टर को दिखाना है तो मेरे साथ चलो। अन्य मरीजों का भी कहना है कि शनिवार को हड़ताल के कारण दलाल पूरी तरह से सक्रिय हो गए थे। 

ये हैं डॉक्टरों की मांगें
- डॉ. प्रियदर्शी के हत्यारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। 
- मृतक डॉक्टर की पत्नी को नौकरी के साथ पांच करोड़ रुपए देने की मांग।
- हर डॉक्टर की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया जाए। 
- मेडिकल कॉलेज के अधीक्षकों को सशस्त्र सुरक्षा गार्ड दिए जाएं। 
- डॉक्टरों के लिए स्थाई सुरक्षा कर्मी तैनात हों। 
- अस्पताल में भी सशस्त्र सुरक्षाबल लगने चाहिए।

डॉक्टरों के सभी संगठनों ने ओपीडी ठप करने में पूरा सहयोग किया है। प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल की ओपीडी नहीं चली है। सरकार से डॉक्टरों के लिए सुरक्षा मांगी गई है। 
- डॉ बिमल कारक, प्रदेश अध्यक्ष, आईएमए

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें