शिक्षकों की हड़ताल से भूखे रह जा रहे बच्चे

Malay, Last updated: 07/03/2020 04:06 PM IST
शिक्षकों के हड़ताल का व्यापक नाकारात्मक असर पर पड़ रहा है। सबसे बुरा असर मध्याह्न भोजन पर पड़ा है। हड़ताल की वजह से कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन नहीं परोसा जा पा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अभी सिर्फ...
मिड डे मील

शिक्षकों के हड़ताल का व्यापक नाकारात्मक असर पर पड़ रहा है। सबसे बुरा असर मध्याह्न भोजन पर पड़ा है। हड़ताल की वजह से कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन नहीं परोसा जा पा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अभी सिर्फ 19 प्रतिशत स्कूलों में मध्याह्न परोसा जा रहा है। इस रिपोर्ट पर सरकार काफी गंभीर हो गई है। मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक कुमार रामानुज ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन) को पत्र भेजा। इसमें उनसे मध्याह्न भोजन योजना संचालित विद्यालयों एवं हड़ताल के कारण बाधित विद्यालयों की सूची प्रखंडवार जमा करने और फिर आंकड़ा निदेशालय को प्रतिदिन शाम पांच बजे तक उपलब्ध कराने को कहा गया है। यह निर्देश चार मार्च को जारी किया गया है। 

शिक्षक मुंडन करा बाल को मुख्यमंत्री को भेजेंगे
 टीईटी शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के प्रदेश संयोजक अमित विक्रम ने शिक्षा मंत्री के वेतन वृद्धि के प्रस्ताव को सिरे से खाजिर कर दिया। उन्होंने कहा कि टीईटी शिक्षकों के प्रति सरकार के लगातार उदासीन रवैये के कारण पूरे बिहार में टीईटी संवर्ग के शिक्षकों का सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। टीईटी शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले बिहार के सवा लाख टीईटी शिक्षकों द्वारा विगत कई दिनों से धरना, प्रदर्शन, भिक्षाटन आदि के माध्यम से लगातार विरोध किया जा रहा हैं। परंतु सरकार इनके न्यायोचित मांगो पर गंभीरतापूर्वक विचार न कर इनके ऊपर लगातार दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। सरकार की नीतियों से क्षुब्ध होकर हमलोगों ने यह निर्णय लिया है कि बिहार के हजारों टीईटी शिक्षक गर्दनीबाग पटना में एकत्रित होकर सामुहिक मुंडन का कार्य कर ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ में अपना नाम दर्ज कराएंगे तथा इन बालों को लिफाफे में बंद कर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा। 

72 हजार स्कूल हैं
गौरतलब है कि राज्य भर में कुल 72 हजार प्राथमिक और मध्य विद्यालय हैं। ऐसे में 13 हजार से ज्यादा विद्यालयों में ही मध्याह्न भोजन परोसा जा पा रहा है। दरअसल, 17 फरवरी से प्राथमिक और मध्य विद्यालय के नियोजित शिक्षक हड़ताल पर हैं। 25 फरवरी से हाई स्कूल और हायर सेकेंड्री स्कूल के भी शिक्षक हड़ताल पर चले गए हैं। करीब चार लाख शिक्षक हड़ताल पर हैं और इनमें ज्यादातर प्राथमिक और मध्य विद्यालय के शिक्षक हैं। मध्याह्न भोजन प्राथमिक और मध्य विद्यालय में ही परोसा जाता है।

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