क्रिसमस की तैयारी: सैनिकों के लिए विशेष है संत लूकस चर्च

Malay, Last updated: 24/12/2019 11:26 AM IST
क्रिसमस को लेकर शहर के चर्चों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में संत लूकस चर्च में भी सजावट की जा रही है। संत लूकस चर्च की नींव ब्रिटिश शासनकाल में कैप्टन थॉमसन ने रखी थी। यह...
हर साल की तरह इस साल भी 25 दिसंबर को पटना सहित दुनियाभर में क्रिसमस मनाया जाएगा। ऐसे में पटना स्थित संत लूकस चर्च की सूबसूरती देखते ही बनती है। इस चर्च में सैकड़ों की संख्या में सैनिक व आम लोग प्रार्थन

क्रिसमस को लेकर शहर के चर्चों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में संत लूकस चर्च में भी सजावट की जा रही है। संत लूकस चर्च की नींव ब्रिटिश शासनकाल में कैप्टन थॉमसन ने रखी थी। यह चर्च साल 1827 में अस्तित्व में आया और तीन साल की मेहतन के बाद 1830 में बनकर तैयार हुआ। चर्च की बनावट आज भी लोगों की नजरें अपनी ओर खींच लेती हैं। दानापुर एसडीओ कार्यालय मार्ग व आरा गोलंबर के पास स्थित संत लूकस गिरजाघर की सुंदरता देखते ही बनती है। 

सफेद रंग की चादर ओढ़े हुए गिरजाघर  दुधिया रौशनी में अलग ही छटा बिखरते नजर आती है। बिहार रेजिमेंट सेंटर (बीआरसी) के सैनिकों द्वारा चर्च की देखभाल की जाती है। क्रिसमस के दिन सुबह सैन्य अधिकारी, जवान व उनके परिजन साथ-साथ प्रार्थना करने आते हैं। उसके बाद आमलोगों को प्रार्थना करने के लिए आने दिया जाता है। बता दें कि ब्रिटिश सेना के 48वें कैप्टन सागी ने 1830 में चर्च का उद्घाटन किया था। बंगाल सेना के सहायक सर्जन हेंड्रक्स ने 1862 में अपनी देखदेख में चर्च के ऊपर एक टावर का निर्माण करवाया। 22 नवम्बर 1987 को बिहार रेजिमेंट सेंटर ने चर्च को अपने अधीन में ले लिया। तत्कालीन कमान्डेण्ट ब्रिगेडियर ए.एन सिरपुरकर ने चर्च का विधिवत उद्घाटन किया। उस समय से क्रिसमस पर चर्च की रंग-रौगन से लेकर कार्यक्रमों की सभी तैयारी सेना द्वारा ही की जा रही है। इसके लिए सेना ने एक पादरी भी बहाल कर रखा है। गौरतलब है कि परिसर में एक गौशाला भी बनाई जा रही है। 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें