कोरोना से रेस्टोरेंट वालों की रोजी-रोटी पर संकट

Malay, Last updated: 16/03/2020 10:12 AM IST
कोरोना से पटना के रेस्टोरेंट और होटल वालों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। जिन रेस्टोरेंट में ग्राहकों को प्रतीक्षा करनी होती थी, आज वह भी खाली पड़े हैं। लोगों ने बर्थ-डे पार्टियां तक रद्द करना शुरू कर...
रविवार के दिन भी अधिकतर रेस्टोरेंट खाली पड़े रहे।

कोरोना से पटना के रेस्टोरेंट और होटल वालों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। जिन रेस्टोरेंट में ग्राहकों को प्रतीक्षा करनी होती थी, आज वह भी खाली पड़े हैं। लोगों ने बर्थ-डे पार्टियां तक रद्द करना शुरू कर दिया है। कई छोटे रेस्टोरेंट तो बंद भी होने लगे हैं। 

अब कोरोना का असर पटना की फूड इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। शहर के नामी रेस्टोरेंट और होटल तक खाली पड़े हैं।   जिन्होंने होटल में एडवांस बुकिंग कर रखी थी, वे भी अब कैंसिल कर रहे हैं। हिन्दुस्तान स्मार्ट की टीम ने जब पटना के रेस्टोरेंट और होटलों की पड़ताल की तो चौंकाने वाला सच सामने आया। पिछले तीन दिनों में सैकड़ों रेस्टोरेंट पर ताला लग गया है। इसमें अधिकतर ऐसे इलाके के हैं, जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते थे। 

राजीव नगर में सारण चिकेन रेस्टोरेंट चलाने वाले राकेश बताते हैं कि दो दिन पहले ही दुकान बंद कर दी है। दिनभर में पांच-सात ग्राहक भी नहीं आ रहे थे, जबकि पहले हर दिन 150-200 लोग हमारे यहां खाना खाने खाते थे। कर्मचारियों का वेतन तो दूर की बात आटे-तेल की कीमत तक नहीं निकल रही थी। वहीं दूसरी तरफ जो बड़े रेस्टोरेंट हैं, उनकी स्थिति भी बहुत खराब होती जा रही है। बड़े-बड़े रेस्टोरेंट कोरोना से खुद को सुरक्षित बताने के लिए सैनटाइजर और अपना किचन तक ग्राहकों को दिखा रहे हैं। कुछ रेस्टोरेंट ने तो कीमतें भी कम कर दी हैं, उसके बावजूद ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। स्वीगी और जोमेटो जैसी फूड डिलेवरी कंपनियों के ऑर्डर भी आधे से कम हो गए हैं। एक रेस्टोरेंट के मालिक ने बताया कि अगर यही हाल रहा तो जल्द ही बडे़ रेस्टोरेंट भी बंद होने लगेंगे।

पार्टियां हुईं कैंसिल
शहर के सैकड़ों रेस्टोरेंट में बर्थ-डे पार्टी, मैरिज एनीवर्सरी, सेमिनार और सम्मेलन जैसे कई आयोजन की बुकिंग मार्च महीने में होनी थी। रेस्टोरेंट वालों का कहना है कि 80 प्रतिशत से अधिक बुकिंग लोगों ने कैंसिल करवा दी हंै। 

कर्मचारियों की छुट्टी
शहर के कई रेस्टोरेंट ऐसे हैं, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते थे। ग्राहक न आने की वजह से होटल संचालकों ने कुछ कर्मचारियों को छुट्टी दे दी है। एक रेस्टोरेंट ऐसा है जहां 100 से अधिक कर्मी थे, अब यहां 20 कर्मचारी ही काम कर रहे हैं।

छोटे रेस्टोरेंट हुए बंद
अशोक राजपथ, बोरिंग कैनाल रोड, राजीव नगर, महेंद्रू जैसे इलाकों में तो कई रेस्टोरेंट बंद भी होने लगे हैं। इन इलाकों में हजारों की संख्या में छात्र रहते थे। कोरोना की वजह से ये छात्र भी पलायन कर गए हैं। 

होटलों में भी नहीं आ रहे ग्राहक
शहर के होटलों की हालत भी बहुत खराब है। बाहर से यात्री आ नहीं रहे हैं। कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं। ऐसे में होटलों के अधिकतर कमरे खाली पड़े हैं। एक होटल वाले ने बताया कि 22 मार्च को बिहार दिवस में कई कमरे बुक थे, लेकिन वह सब दो दिन पहले कैंसिल कर दिए गए। एडवांस में जो भी कमरे मार्च में बुक थे 90 प्रतिशत कैसिंल हो चुके हैं। नई बुकिंग एक-दो आ रही हैं। ऐसे में तो होटल के बिजली का खर्च भी निकलना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों को कहां से वेतन देंगे। 

शहर के सभी रेस्टोरेंट को सेनिटाइज करने का आदेश दिया गया है। साथ ही खानपान के सामान को साफ सुथरी जगह पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। 
- अजय कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, पटना

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