PMCH में जमीन पर डेंगू का इलाज

Malay, Last updated: Sat, 19th Oct 2019, 11:20 PM IST
डेंगू से टूटता शरीर और फर्श पर इलाज सरकारी दावों की पोल खोल रहा है। मरीज हाथ जोड़कर बेड मांगता है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं। हर दिन बेड फुल होने के बाद मरीजों को ऐसे ही इलाज हो रहा है। प्रशासनिक...
डेंगू वार्ड में 55 बेड, रोज आ रहे हैं 150 मरीज

डेंगू से टूटता शरीर और फर्श पर इलाज सरकारी दावों की पोल खोल रहा है। मरीज हाथ जोड़कर बेड मांगता है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं। हर दिन बेड फुल होने के बाद मरीजों को ऐसे ही इलाज हो रहा है। प्रशासनिक दावों के इतर मरीजों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। शनिवार को भी पटना मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड का ऐसा ही हाल रहा। व्यवस्था से तीन गुना अधिक डेंगू के मरीज आ रहे हैं जिसमें बड़ी संख्या में प्राइवेट अस्पताल में जाने को मजबूर हैं।

लापरवाही से फैल रहा डेंगू 
डेंगू के मरीजों को हमेशा मच्छरदानी में रहना है, लेकिन भीड़ ऐसी है कि उन्हें इमरजेंसी व अन्य वार्डों में आम मरीजों के साथ रखा जा रहा है। बिना मच्छरदारी के सामान्य मरीजों के साथ रह रहे मरीजों में मच्छर से डेंगू का खतरा है। जनरल इमरजेंसी और हथुवा वार्ड में डेंगू के मरीजों को बिना मच्छरदारी के रखा जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि भीड़ के कारण अन्य वार्डों में रखना मजबूरी है। बिना मच्छरदानी के फर्श पर इलाज करा रहे मरीज भी अन्य मरीजों और उनके परिजनों के लिए खतरा बन सकते हैं। 

घर में जमा पानी 
आम लोग भी काफी लापरवाही कर रहे हैं। घर में पानी जमा हो रहा है जहां से डेंगू मच्छर पैदा हो रहे हैं। एक्यूरियम से लेकर गमलों में पानी भरा है। मलेरिया विभाग ने पड़ताल में पाया है कि घरों में मनी प्लांट व अन्य फूलों के गमले। कार्यालयों व घरों में लगाए गए पानी की झरने व मछलियों के केस में डेंगू के मच्छरों के फैलने की आशंका अधिक है। डेंगू के कई ममालों में छिड़काव के दौरान ऐसा पाया गया है। 

प्रशासन की मनमानी 
डेंगू का दायरा बढ़ने के पीछे प्रशासनिक मनमानी भी काफी हद तक जिम्मेदार है। दवा का छिड़काव और अन्य जागरुकता उपाय के बाद भी डेंगू के मरीजों की संख्या काबू में नहीं आ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में जांच में 70 प्रतिशत मरीजों में डेंगू पाया जा रहा है। नगर निगम और मलेरिया विभाग हर दिन लाखों रुपए फूक रहा है लेकिन जमीन स्तर पर इसका परिणाम नहीं दिख रहा है।   

क्या अस्पताल ऐसा होता है
- पटना मेडिकल कॉलेज में डेंगू की संख्या बढ़ने के बाद भी व्यवस्था सिकुड़ती जा रही है। 
- अस्पताल में साफ सफाई के साथ जगह-जगह जल जमाव डेंगू का खतरा बढ़ा रहा है।
- प्लेटलेट्स को लेकर काफी मशक्तत करने के बाद भी मरीजों को राहत नहीं मिल रही। 

चलो यहां से भागो आयुक्त आ रहे हैं
पटना मेडिकल कॉलेज में पांच वार्ड डेंगू के हैं। शनिवार को कई मरीज फर्श पर पड़े थे। मण्डलीय आयुक्त के पीएमसीएच के दौरे का फरमान आते ही वार्ड से लेकर विभाग में हड़कम्प मच गया। झाडू पोछा होने लगा सफाई की मशीने भी लग गईं। डॉक्टर से लेकर अन्य मडिकल कर्मचारी सक्रिय हो गए। फर्श पर पड़े मरीजों को हटाया जाने लगा। बेड फुल होने से नए मरीजों को फार्श पर रखने के बजाए बाहर का रास्ता दिखया जाने लगा। 
 
डेंगू के मरीजों को लेकर अस्पताल पूरी तरह से सक्रिय है। दवाओं के साथ उनकी मेडिकल जांच कराई जा रही है। प्लेटलेट्स बढ़ना शुरू होता है तो उन्हें दवा की सलाह देकर घर भेजा जाता है। 
- डॉ राजीव रंजन प्रसाद, अधीक्षक, पटना मेडिकल कॉलेज

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