पटना

पटना पानी-पानी, निगम के पम्प भी हुए परास्त

Malay, Last updated: 09/07/2019 12:08 AM IST
पटना में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर लगातार बारिश हो रही है। शहर के आधे से अधिक मोहल्ले पानी में डूब गए हैं। गलियों में घुटनों तक पानी जमा हो गया है। इसको निकालने के दो तरीके हैं। पहला अगर मोहल्ले...
एनएमसीएच के मेडिसिन विभाग में मछलियां देख चौंक गए मरीज और तीमारदार।

पटना में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर लगातार बारिश हो रही है। शहर के आधे से अधिक मोहल्ले पानी में डूब गए हैं। गलियों में घुटनों तक पानी जमा हो गया है। इसको निकालने के दो तरीके हैं। पहला अगर मोहल्ले से नाला जुड़ा है तो वह पानी नाले से संप हाउस में चला जाएगा, दूसरा जहां नाले नहीं हैं वहां पंपिंग सेट लगाकर पानी को नाले में डाला जाता है। शहर के करीब 40 मोहल्ले ऐसे हैं, जहां नाला है ही नहीं। वहां पंप के माध्यम से ही पानी निकाला जाता है। ऐसी विकट स्थिति में निगम के पंपिंग सेट खराब पड़े हैं। घरों में कैद लाखों लोग पंप का इंतजार कर रहे हैं। 

पटना में 70 से 80 मिमी बारिश में ही शहर के कई मोहल्लों में जलजमाव हो गया है। रामकृष्णा नगर, लंगर टोली, मखनियाकुआं, बस स्टैंड, पोस्टल पार्क, शास्त्रीनगर, खेतान मार्केट के इलाके में तो कई घरों में पानी घुस गया है। राजेंद्रनगर की निचली कॉलोनियों में भी पानी भरना शुरू हो चुका है। नालंदा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के वार्ड में तो मछलियां तक तैरने लगी हैं। चारों तरफ पानी ही पानी ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल कर रख दी है। सबसे बुरे हाल में वे मोहल्ले हैं,जहां नाले नहीं हैं या नाले हैं भी तो जाम हैं। 

एनएमसीएच में तैरीं मछलियां
राजधानी में सोमवार को हुई झमाझम बारिश से एनएमसीएच के मेडिसिन विभाग में फिर से पानी भर गया। विभाग के ई वार्ड में एक फीट तक पानी भर गया। वहीं डी वार्ड में मछलियां तैरने लगीं हैं। यह देख मरीज के परिजन मछलियों को पकड़ने में लग गए। वार्ड में पानी से मरीज, तीमारदार, डॉक्टर और नर्स सब परेशान हैं। विभागाध्यक्ष ने अस्पताल प्रशासन से तत्काल इस वार्ड को कहीं दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि विभाग के अपग्रेडेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग से बातचीत चल रही है।

दो-तीन दिन में फ्लड कंट्रोल पम्पिंग मशीनें पटना आ जाएंगी। सभी ईओ को भी आदेश दिया जा चुका है। जहां पम्पिंग सेट की जरूरत है नया खरीद लें। रही बात एनएमसीएच में मछली तैरने की तो उसके लिए पथ निर्माण विभाग जिम्मेदार है। वह सड़क तो बना देते हैं, जलनिकासी को नाले से नहीं जोड़ते हैं। 
-सीता साहू, महापौर पटना

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