पुराने कंप्यूटर की गति बढ़ाने के पांच दमदार उपाय

Malay, Last updated: 18/02/2020 02:16 PM IST
कंप्यूटर या लैपटॉप कुछ दिन पुराने होने के बाद उनकी स्पीड कम होने लगती है और कई बार वे खुद-ब-खुद हैंग होने लगते हैं। इन कंप्यूटर की धीमी गति से छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर इन्हें फॉर्मेट कर देते...
प्रतीकात्मक तस्वीर

कंप्यूटर या लैपटॉप कुछ दिन पुराने होने के बाद उनकी स्पीड कम होने लगती है और कई बार वे खुद-ब-खुद हैंग होने लगते हैं। इन कंप्यूटर की धीमी गति से छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर इन्हें फॉर्मेट कर देते हैं। ऐसे में कंप्यूटर/लैपटॉप में मौजूद जरूरी डाटा भी नष्ट हो जाता है। आइए जानते हैं कुछ आसान तरीकों से अपने पुराने कंप्यूटर की स्पीड कैसे बढ़ाएं। 

टेंपररी फाइल डिलीट करें
कंप्यूटर में वर्चुअल मेमोरी फुल हो जाने की वजह से वे धीमे हो जाते हैं। इससे बचने के लिए समय-समय पर टेंपररी फाइल डिलीट करते रहें। इसके लिए ‘प्रोग्राम’ विकल्प में दिए गए सर्च बॉक्स में %३ीेस्र% टाइप करके एंटर पर क्लिक करें। इससे कंप्यूटर या लैपटॉप में मौजूद सभी टेंपररी फाइलें खुल जाएंगी। इन्हें चुनकर डिलीट कर दें।

स्टार्टअप प्रोग्राम बंद करें
कई प्रोग्राम ऐसे होते हैं, जो कंप्यूटर चालू होते ही अपने आप चलने लगते हैं। इन्हें स्टार्टअप प्रोग्राम कहते हैं। ये कंप्यूटर के धीमा काम करने की सबसे बड़ी वजह होते हैं। स्टार्टअप प्रोग्राम में स्क्रीन न्यूज फीड, जी-टॉक, स्काइप, बिट टोरेंट जैसे प्रोग्राम भी शामिल हैं। इन्हें ‘स्टार्ट’ मेन्यू में जाकर अनइंस्टॉल किया जा सकता है। इसके अलावा ‘सी ड्राइव’ को खाली रखें। यह हार्ड डिस्क का वह हिस्सा होता है, जिसमें सभी सॉफ्टवेयर रहते हैं। 

रिसाइकिल बिन खाली रखें
कंप्यूटर में जो भी फाइल डिलीट करते हैं, वह पूरी तरह से डिलीट होने के बजाय ‘रिसाइकल बिन’ में स्टोर हो जाती है। लगातर कई दिनों तक एक साथ कई फाइलें डिलीट करने से रिसाइकिल बिन भर जाती है और कंप्यूटर की मेमोरी फुल हो जाती है। इससे बचने के लिए समय-समय पर रिसाइकिल बिन खाली करते रहें। अगर आपको कोई फाइल हमेशा के लिए ही डिलीट करनी है तो उसे सिलेक्ट कर २ँ्रऋ३+िी’ी३ी कमांड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे फाइल रिसाइकिल बिन में नहीं जाएगी बल्कि पूरी तरह कंप्यूटर से डिलीट हो जाएगी।

डीफ्रेगमेंट एंड ड्राइव ऑप्टिमाइज करें
कंप्यूटर सिस्टम में बहुत सारी ड्राइव होती हैं, जिन्हें हम सी, डी और ई ड्राइव आदि नाम से जानत हैं। इन्हें आपको ऑप्टिमाइज करना चाहिए, जिससे आपका कंप्यूटर हैंग नही होगा और आपके कंप्यूटर की परफॉरमेंस (कंप्यूटर स्पीड) और अच्छी होगी। इसके लिए उपयोगकर्ता को विंडोज बटन प्रेस करके िीऋ१ंॅेील्ल३ ंल्लि ङ्मस्र३्रे्र९ी ि१्र५ी२ सर्च करना है। अब ड्राइव को सिलेक्ट और और फिर ऑप्टीमाइज पर क्लिक करें। आपका ड्राइव ऑप्टिमाइज होना शुरू हो जाएगा। 

सी डिस्क करते रहें साफ 
कंप्यूटर की ‘सी’ ड्राइव में बहुत सी गैर-जरूरी फाइल सेव रहती हैं, जिन्हें उपयोगकर्ता डिलीट नहीं करते और उससे कंप्यूटर की स्पीड कम हो जाती है या फिर वह हैंग होने लगते हैं। आप डिस्क क्लीनअप की मदद से इन फाइल्स को डिलीट कर सकते है इसके लिए माय कंप्यूटर में जाएं सी ड्राइव पर राइट क्लिक करे और फिर प्रोपर्टीज पर क्लिक करे और डिस्क क्लीनअप (्रि२‘ ू’ींल्ल४स्र) का चुनाव करें। 

पुराने फोन की स्पीड ऐसे बढ़ाएं
स्मार्टफोन की परफॉर्मेंस एक समय के बाद धीमी होने लगती है। इसे सुधारने के लिए यूजर फोन में बेवजह के थर्ड पार्टी एप्लीकेशन डाउनलोड कर लेते हैं। जबकि डिवाइस को ‘रीबूट’ कर उसकी परफॉर्मेंस को सुधारा जा सकता है। एंड्रॉयड और आईओएस उपयोगकर्ताओं को समय-समय पर अपना हैंडसेट रीबूट करते रहना चाहिए। यह डिवाइस की लॉन्ग लाइफ और शानदार परफॉर्मेंस के लिए बेहतर होता है। आमतौर पर यूजर फोन में हैंग, हीट और स्लो परफॉर्मेंस को लेकर काफी परेशान रहते हैं। इससे निजात पाने के लिए यूजर अपने फोन को रीबूट कर सकते हैं। इससे फोन की परफॉर्मेंस बेहतर होती है और वह लंबे समय तक सही काम करता है। यह फीचर एंड्रॉयड मार्शमैलो वर्जन तक ही अच्छी तरह से काम करता है। 

रैम को फ्री कर डिवाइस की स्पीड बढ़ाएं
ऐसे कई एप होते हैं, जो फोन के बैकग्राउंड में चलते रहते हैं और फोन की मेमोरी को हाईजैक कर लेते हैं। रैम पर दबाव होने से फोन हैंग होने लगता है और आसान टास्क भी पूरा होने में अधिक समय लगता है। ‘रीबूट’ अपने आप में एक पावर बूस्टर है, इससे बैकग्राउंट में चल रहे एप एकदम बंद हो जाते हैं। साथ ही फोन में जंक या कैशे फाइलें नष्ट हो जाती हैं। रैम फ्री होने के बाद डिवाइस में मौजूद प्रोसेसर भी पूरी क्षमता के साथ अपना कार्य करता है। 

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