उलझे परिजन, डॉक्टरों ने छोड़ा इलाज

Malay, Last updated: 16/03/2020 10:35 AM IST
एनएमसीएच में मरीज द्वारा इलाज के लिए बदसलूकी करने पर नाराज जूनियर डॉक्टर काम ठप कर चैम्बर से उठ कर चले गए। डॉक्टरों ने आरोपितों व सुरक्षा गार्डों पर कार्रवाई करने व सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की।...
इलाज के लिए जबरदस्ती व डॉक्टरों संग बदसलूकी से नाराज जूनियर डॉक्टरों ने काम किया बंद

एनएमसीएच में मरीज द्वारा इलाज के लिए बदसलूकी करने पर नाराज जूनियर डॉक्टर काम ठप कर चैम्बर से उठ कर चले गए। डॉक्टरों ने आरोपितों व सुरक्षा गार्डों पर कार्रवाई करने व सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। हलांकि अधीक्षक व प्राचार्य के हस्तक्षेप के बाद डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया। 

रविवार की दोपहर करीब तीन बजे नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिसीन विभाग में भर्ती मरीज व उसके परिजन ऑर्थो सर्जिकल इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचे। यहां जूनियर डॉक्टरों ने उसे मेडिसीन विभाग का हवाला देते हुए मेडिसीन विभाग में इलाज कराने की बात कही। इसी बात को लेकर मरीज व उसके परिजन नाराज हो गए और डॉक्टरों के साथ बदसलूकी करने लगे। मौके पर पहुंचे अन्य डॉक्टरों व कर्मियों ने बीचबचाव कर मामले को सुलझाया। हालांकि घटना के बाद मरीज व उनके परिजन वहां से फरार हो गए। इधर घटना से गुस्साए जूनियर डॉक्टर चेम्बर से निकल कर चले गए और इसकी सूचना अस्पताल अधीक्षक व प्राचार्य को दी। इससे थोड़ी कुछ देर के लिए वार्ड में इलाज प्रभावित हुआ।

जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल प्रशासन से सुरक्षा मुहैया कराने व आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही प्राचार्य डॉ. विजय कुमार गुप्ता भी अस्पताल पहुंचे। शाम पांच बजे प्राचार्य ने अधीक्षक कार्यालय में अधीक्षक समेत सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. निर्मल कुमार सिन्हा, ऑर्थो विभागाध्यक्ष डॉ. एसके सिन्हा व मेडिसीन विभागाध्यक्ष डॉ. उमाशंकर प्रसाद व जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक की। जूनियर डॉक्टरों ने आरोपित मरीज के परिजन समेत सुरक्षा गार्डों पर कार्रवाई करने व डॉक्टरों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग रखी। 

जूनियर डॉक्टरों ने काम का बहिष्कार नहीं किया है। अस्पताल में इलाज व्यवस्था जारी है। मामले की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसी की शिकायत की भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 
 -डॉ. गोपाल कृष्ण, अधीक्षक, एनएमसीएच

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