पटना: सरकारी दफ्तरों और विश्वविद्यालय कार्यालय कोरोना को लेकर नहीं हुए जागरूक

Malay, Last updated: Thu, 19th Mar 2020, 12:48 PM IST
पूरे देश में कोरोना वायरस का खौफ जारी है। बिहार सरकार ने भी कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर सभी स्कूल, कॉलेज सिनेमा हॉल को 31 मार्च तक बंद करने का आदेश दे दिया है। ये सारे एहतियात लोगों को एक जगह...
लापरवाही: शहर के सरकारी दफ्तरों और विश्वविद्यालय कार्यालय कोरोना को लेकर नहीं हुए जागरूक

पूरे देश में कोरोना वायरस का खौफ जारी है। बिहार सरकार ने भी कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर सभी स्कूल, कॉलेज सिनेमा हॉल को 31 मार्च तक बंद करने का आदेश दे दिया है। ये सारे एहतियात लोगों को एक जगह इकट्ठा होने से रोकने के लिए बरते जा रहे हैं, लेकिन हिन्दुस्तान स्मार्ट ने डीटीओ, सदर ब्लॉक ऑफिस और एनओयू में पड़ताल की तो भीड़ की बात तो दूर सफाई पर भी यहां ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शौचालय साफ-सुथरे नहीं दिखे। सैनिटाइजर की बात छोड़िए, कहीं-कहीं तो हाथ धोने के लिए साबुन तक का भी इंतजाम नहीं था।

कोरोना से बचाव के लिए सरकार ने गाइडलाइन जारी करते हुए सुझाव दिया है कि लोग एक मीटर दूरी से बात करें। पटना के सदर ब्लाक में प्रमाण पत्र बनवाने वालों को कोरोना का कोई डर ही नहीं है। यहां आम दिनों की तरह कतार में लगे लोग अवासीय और जन्म प्रमाण पत्र के लिए धक्कामुक्की कर रहे हैं।

ऐसी सफाई से कैसे होगी कोरोना से लड़ाई

1- सबसे बुरा हाल पटना सदर ब्लॉक कार्यालय का है, जहां हर तरफ गंदगी फैली है। लोग ऑफिस के पास खुले में पेशाब करते दिख जाएंगे। टॉयलेट के अंदर काफी गंदगी है। वहीं यहां हाथ धोने के लिए वॉश बेसिन ही नहीं है। सेनिटाइजर और साबुन तो दूर  की बात है। 

2- बिस्कोमान के चौथे तल्ले पर स्थित डीटीओ कार्यालय के शौचालय का भी वही हाल है। टॉयलेट व यूरिनल में काफी गंदगी है। वहीं वॉश बेसिन तो साफ दिखा, लेकिन हाथ धोने के लिए सेनिटाइजर, साबुन कुछ भी नहीं है। यहां वॉश बेसिन के नीचे काफी गंदगी दिखी।

3- बिस्कोमान के तीसरे तल्ले पर स्थित नालंदा खुला विश्वविद्यालय के शौचालय भी काफी गंदे हंै। वॉश बेसिन में साफ-सफाई दिखी, लेकिन न वहां सेनिटाइजर था और ना ही साबुन की व्यवस्था।  

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