कैबिनेट से एनपीआर को हरी झंडी

Malay, Last updated: 25/12/2019 04:33 PM IST
नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी पर मचे घमासान के बीच केंद्र कैबिनेट ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को मंजूरी दे दी है। इसपर करीब 8500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। गांव/उप शहर, उप...
Union Minister Prakash Javadekar:

नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी पर मचे घमासान के बीच केंद्र कैबिनेट ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को मंजूरी दे दी है। इसपर करीब 8500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। गांव/उप शहर, उप जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाएगा। पहले चरण में घर की सूची या घर संबंधी गणना होगी जो अप्रैल से सितंबर 2020 तक होगी। दूसरा चरण नौ फरवरी से 28 फरवरी 2021 में होगा। इसकी संबद्धता तिथि 1 मार्च 2021 होगी। अद्यतन आंकड़ों के डिजिटलीकरण का काम पूरा हो गया है। यह असम को छोड़कर सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में किया जाएगा।

ओवैसी बोले, एनआरसी का ही दूसरा नाम एनपीआर: असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार के इस कदम पर सभी को चेताते हुए कहा कि एनपीआर भी देशभर में एनआरसी लाने का ही हिस्सा है। सवाल उठाया कि असम में भाजपा के बड़े नेता हेमंता बिस्वा शर्मा भी एनआरसी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जबकि पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई। 

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