पटना

भारतीय इंजीनियर ने ढूंढ निकाला विक्रम का मलबा

Malay, Last updated: 04/12/2019 12:19 PM IST
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा को चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर का मलबा मिल गया है। नासा ने इस खोज का श्रेय चेन्नई के मैकेनिकल इंजीनियर इंजीनियर शनमुग सुब्रमण्यम(33) को दिया है। नासा ने मंगलवार सुबह...
Shanmuga Subramanian

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा को चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर का मलबा मिल गया है। नासा ने इस खोज का श्रेय चेन्नई के मैकेनिकल इंजीनियर इंजीनियर शनमुग सुब्रमण्यम(33) को दिया है। नासा ने मंगलवार सुबह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव से करीब 600 किलोमीटर दूर स्थित सतह की तस्वीरें जारी कीं। चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर 7 सितम्बर को इसी जगह पर तेज गति से टकराया था और उसके टुकड़े करीब एक किलोमीटर के इलाके में फैल गए थे।

हर रात 6 घंटे पड़ताल
शनमुग ने बताया कि विक्रम के खो जाने के बाद से मैंने  हर रोज मैंने करीब 4 से 6 घंटे प्रति दिन रात को तस्वीरों को छाना। मुझे प्रस्तावित लैंडिंग साइट से करीब 750 मीटर दूर एक सफेद बिंदु दिखा जो लैंडिंग की तय तिथि से पहले की तस्वीर में वहां नहीं था। मैंने ट्वीट किया कि शायद इसी स्थान पर विक्रम चंद्रमा की मिट्टी में धंसकर दफन हो गया है। नासा के कुछ वैज्ञानिकों को भी मैंने यही जानकारी चंद्रमा की सतह के कोऑर्डिनेट के साथ विस्तार से ई-मेल पर भेजी। शान ने इसरो से संपर्क नहीं किया था।’मंगलवार को नासा ने चंद्रमा के सतह की तस्वीर जारी की, जिसमें हरे रंग के बिंदुओं के जरिए विक्रम के मलबे को दर्शाया।  जबकि एस लिखकर उस स्थान के बारे में बताया है जहां शनमुग सुब्रमण्यम ने मलबे की पहचान की। 

कौन हैं शनमुग उर्फ शान
शनमुग सुब्रमण्यम एक कंप्यूटर प्रोग्रामर और मैकेनिकल इंजीनियर हैं। वह लेनॉक्स इंडिया टेक्नॉलजी सेंटर, चेन्नई में टेक्निकल आर्किटेक्ट के तौर पर कार्यरत हैं। तमिलनाडु के शहर मदुरई के रहने वाले सुब्रमण्यम इससे पहले कॉग्निजेंट में प्रोग्राम एनालिस्ट के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उन्होंने ट्िवटर पर एक वेबसाइट के लिंक में अपना परिचय देते हुए लिखा है कि मैं ब्लॉगर, फोटोग्राफर और जुनूनी यात्री हूं, जिसे अंतरिक्ष, दर्शन और राजनीति के बारे में जानने में रुचि है।

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