दारोगा अभ्यर्थियों ने काटा बवाल तो खूब चलीं लाठियां

Malay, Last updated: 05/02/2020 12:22 PM IST
दारोगा भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी बिहार बंद के तहत मंगलवार को काफी उग्र नजर आए। उन्होंने सबसे पहले पटना सायंस कॉलेज और पटना विवि के कॉलेजों को बंद कराया। पांच सौ से ज्यादा की संख्या में चल रहा...
वाटर कैनन से पानी की बैछार होते ही मच गई भगदड़।

दारोगा भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी बिहार बंद के तहत मंगलवार को काफी उग्र नजर आए। उन्होंने सबसे पहले पटना सायंस कॉलेज और पटना विवि के कॉलेजों को बंद कराया। पांच सौ से ज्यादा की संख्या में चल रहा अभ्यर्थियों का हुजूम पटना विवि के शिक्षण संस्थानों को बंद कराकर भिखना पहाड़ी की ओर मुड़ गया। दुकानों और कोचिंग को बंद कराते हुए अभ्यर्थी नया टोला, मछुआ टोली, हथुआ मार्केट, बाकरगंज होते हुए गांधी मैदान थाना पहुंचे। अभ्यर्थी हाथों में पोस्टर लिए हुए सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। अभ्यर्थी एक बजे जेपी गोलंबर पर पहुंचे। यहां से प्रदर्शनकारी हटने का नाम नहीं ले रहे थे। ऐसे में पुलिस ने वाटर कैनन से पानी बरसाना शुरू कर दिया।

अभ्यर्थियों का पक्ष
अभ्यर्थियों के नेतृत्वकर्ता दिलीप कुमार के मुताबिक संबंधित अधिकारी को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे, इस दौरान जेपी गोलंबर पर रोक दिया गया। इसके बाद पुलिस द्वारा वाटर कैनन और आंसू गैस छोड़े गए जिससे अफरा-तफरी मच गयी। उन्होंने परीक्षा को रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग की है।   

लाठीचार्ज निंदनीय
पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष अंशुमान ने कहा है कि जिस तरह से दारोगा अभ्यर्थियों पर लाठी बरसायी गई वह बहुत ही शर्मनाक है। सरकार छात्रों की आवाज दबाना चाहती है। सरकार को छात्रों की पीड़ा को समझना होगा। निर्दोष छात्रों पर कार्रवाई की जांच होनी चाहिये। 

अभ्यर्थी हुए उग्र तो बरसीं लाठियां
पुलिस के वाटर कैनन से पानी बरसाते ही अभ्यर्थी उग्र हो गए और रोड़ेबाजी कर दी। यहां भारी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा दिया और जमकर लाठी भांजी। कुछ पुलिसकर्मियों ने काफी सख्त रूप अपनाया। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। इससे अफरा-तफरी का माहौल रहा।

अभ्यर्थियों की मांग परीक्षा को रद्द किया जाए
अभ्यर्थियों का कहना है कि दिसंबर माह में हुई दारोगा भर्ती परीक्षा में धांधली हुई है। इसलिए परीक्षा को रद्द किया जाए। गौरतलब है कि इस परीक्षा का प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था। जबकि प्रश्नपत्र बाहर नहीं आना था। आयोग ने इसे नहीं माना।  

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