पटना

झोपड़ी में बन रही थी देसी शराब

Malay, Last updated: 23/01/2020 10:35 AM IST
आशियाना दीघा रोड से अतिक्रमण प्रशासन की टीम तो अतिक्रमण हटाने गई थी, लेकिन कर दिया देसी शराब निर्माण का बड़ा खुलासा। बुधवार को जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने दारू भट्ठी का भंडाफोड़...
अतिक्रमण हटाने के दौरान दारू भट्ठी का खुलासा।

आशियाना दीघा रोड से अतिक्रमण प्रशासन की टीम तो अतिक्रमण हटाने गई थी, लेकिन कर दिया देसी शराब निर्माण का बड़ा खुलासा। बुधवार को जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने दारू भट्ठी का भंडाफोड़ किया।  

हुआ यूं कि जब गर्म चूल्हे पर पुलिस-प्रशासन की टीम को कड़ाही और पतीले में भारी मात्रा में लहन (देशी शराब बनाने की सामग्री) उबलता दिखा तो उनके पांव तले की जमीन खिसक गई। जिम्मेदारों को यह समझ नहीं आ रहा था कि राज्य में शराब प्रतिबंधित होने के बाद भी महीनों से इस स्थान पर भारी मात्रा में शराब का अवैध कारोबार कैसे चल रहा था। हद तो यह कि इलाके की पुलिस और आबकारी विभाग को इसकी भनक तक नहीं मिली। देसी शराब बनाने और उसके धंधे का भंडाफोड़ होते ही आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है। उन्हों तुरंत महुआ, जावा और बनाई गई शराब की खेप को जब्त कर लेने का आदेश दिया। 

अवैध धंधे में लिप्त एक-एक परिवार को चिन्हित कर उनपर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके लिए उन्होंने शास्त्रीनगर थाना और आबकारी विभाग को निर्देशित किया। कहा कि आरोपियों को रातों-रात गिरफ्तार किया जाय। लापरवाह पुलिस पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।

बनायी जाएगी सड़क
आशियाना दीघा मार्ग पर चलाए गए अतिक्रमण अभियान के बाद इस स्थान पर सड़क चौड़ी की जानी है। मुसहरी के पास जिन एक दर्जन झुग्गी-झोपड़ियों और पक्के मकानों को तोड़ा गया, वहां से आसपास के मोहल्लों के लिए लिंक सड़क बनाने का निर्देश आयुक्त ने जारी किया है। बुधवार को अतिक्रमण अभियान में कई कच्चे, पक्के निर्माण को निगम टीम ने तोड़ दिया। वहीं मलबा और निकलने वाली सामग्री भी जब्त कर ली गई।

सामान के साथ खुले आसमान के नीचे आए लोग
आशियाना-दीघा मुसहरी से बेघर हुए लोग घर-परिवार के साथ खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। सिर छिपाने के लिए ओवरब्रिज के नीचे और फुटपाथ पर घर बसा लिया है। बेघर हुए लोगों को अब यह चिंता सता रही है कि दिन तो किसी तरह गुजर जाएगा, लेकिन जाड़े की सर्द रात वे कैसे काटेंगे। अतिक्रमण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में झोंपड़ियों को तोड़ दिया गया है। 

इन इलाकों में भी अवैध निर्माण पर चली जेसीबी
आशियाना-दीघा मार्ग की तर्ज पर पाटलिपुत्र और नूतन राजधानी अंचल में भी अतिक्रमण हटाया गया। इसमें बोरिंग कैनाल रोड पर हड़ताली मोड़ से राजापुर पुल तक और कुर्जी मोड़ से राजापुर पुल तक सड़क किनारे का अतिक्रमण हटाया गया। जिस स्थान पर अतिक्रमण हटाया गया, वहां की सड़क किनारे की मिट्टी को समतल करके रास्ता चौड़ा किया गया। 

दिखावे के लिए करते थे मजदूरी
आशियाना-दीघा मोड़ पर तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने करीब 4 दर्जन मुसहर समाज के लोगों को रहने के लिए जमीन दी थी। एक कॉलोनी बनाकर इन मुसहर जाति के लोगों को दिया गया। दिखावे के लिए तो ये मजदूरी का काम करते थे, लेकिन काली कमाई का असली खेल जर्जर हो चुके तीन मंजिले उस इमारत के पीछे चल रहा था, जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री ने आवास के रूप में बनाकर दिया था। इस इमारत के पीछे एक दर्जन से अधिक कच्चा चूल्हे पर रोज शराब बनाकर शहर के अलग-अलग हिस्सों में आपूर्ति की जाती थी। सूत्रों के अनुसर इसकी भनक पुलिस टीम को बहुत पहले से थी, लेकिन इसपर कार्रवाई के लिए आगे बढ़कर कोई नहीं आ रहा था।

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