महाशिवरात्रि: शिव की उपासना से मिलेगा मनचाहा वर

Malay, Last updated: 18/02/2020 08:59 AM IST
इस बार 21 फरवरी को महाशिवरात्रि पर 59 साल बाद महासंयोग बन रहा है। फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी में सर्वार्थ सिद्धि योग एवं श्रवण नक्षत्र का योग बन रहा है। इसे विशेष फलदायक बताया जा रहा है।...
महाशिवरात्रि

इस बार 21 फरवरी को महाशिवरात्रि पर 59 साल बाद महासंयोग बन रहा है। फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी में सर्वार्थ सिद्धि योग एवं श्रवण नक्षत्र का योग बन रहा है। इसे विशेष फलदायक बताया जा रहा है। ज्योतिष विद्वानों का कहना है कि कई दशक बाद बन रहे इस संयोग में अगर राशि के अनुसार जातक भगवान शिव की उपसना करें तो अभीष्ठ फल की प्राप्ति होगी। यह संयोग मनोकामना की पूर्ति में सहायक होगा। 

पूजन का शुभ मुहूर्त
निशीथ काल पूजा मुहूर्त :  मध्यरात्रि  12:27 से 01:17 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त:- दोपहर 11:41 बजे से 12:26 बजे तक
गुलीकाल मुहूर्त:- प्रात: 07:47 बजे से 09:13 बजे तक
22 फरवरी को पारण: सुबह 07:03 बजे के बाद

ऐसे बन रहा है संयोग 
भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद के सदस्य पंडित राकेश झा ने बताया कि इस बार शिवरात्रि पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन शश नामक योग करीब 59 वर्ष के बाद आया है। इसी दिन श्रेष्ठ श्रवण नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है। 

पांच ग्रहों का बदलेगा स्थान 
शश नामक विशेष संयोग से पांच ग्रहों के एक साथ स्थान परिवर्तन से यह योग बना है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि के साथ जयद योग का शुभ संयोग रहेगा। इस योग में शिव व्रत-पूजन से अखंड सौभाग्य व मनचाहे वरदान की प्राप्ति होगी। 

पौराणिक महत्व
पंडित राकेश झा का कहना है कि फाल्गुन चतुर्दशी की मध्यरात्रि में आदिदेव भगवान शिव लिंगरूप में अमिट प्रभा के साथ उद्भूत हुए। इस रात को कालरात्रि और सिद्धि की रात भी कहते हैं। 

महाशिवरात्रि पर राशि के अनुसार करें शिव आराधना
मेष: जल में गुड़ और कुमकुम मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक तथा लाल फूल अर्पित करने से संकट से मुक्ति मिलेगी। 
वृष: शिव जी को दही और गंगाजल तथा श्वेत पुष्प अर्पण करने से संपन्नता और सुखद वैवाहिक जीवन का वर मिलेगा।
मिथुन: गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करके भांग-धतुरा अर्पण करें ।
कर्क: दूध-भांग और गंगाजल अर्पित करने से वांछित मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। 
सिंह: भोलेनाथ को लाल चंदन मिश्रित जल तथा गन्ने के रस से अभिषेक करें। 
कन्या: भांग-धतूरा और बेलपत्र अर्पित करने से जीवन में स्थिरता आएगी। 
तुला: भगवान शिव का अभिषेक घी तथा मिश्री युक्त गंगाजल से करें तथा केसर मिश्रित मिष्ठान्न का भोग अर्पित करें। 
वृश्चिक: शहद मिश्रित जल से शिव जी का अभिषेक करें। लाल चंदन व गुलाब अर्पण करने से शुभ फलों की प्राप्ति होगी। 
धनु: शिव जी को केसर युक्त जल से अभिषेक करें तथा घी का दीपक एवं पीला फूल और बेसन लड्डू अर्पित करें। 
मकर: शिव जी को गंगाजल में तिल, भांग, अष्टगंध मिलाकर अर्पित करने से हर काम में सफलता मिलेगी।
कुंभ: नारियल पानी के साथ केसर मिश्रित दूध से शिवजी का अभिषेक करें। 
मीन: शिव जी को पीला चन्दन और फूल अर्पित करने से धन की कमी नहीं होगी।

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