बाढ़ की दुश्वारी: मेरे बाबूजी से मुझे मिला दो

Malay, Last updated: 03/10/2019 12:43 AM IST
मेरे बाबूजी घर में अकेले हैं। वे ठीक से चल भी नहीं पाते। उनकी दवाइयां भी खत्म हो चुकी होंगी। वे वहां मर जाएंगे। काश, उस दिन मेरी जगह वे चले आते। यह दर्दनाक कहानी है एक बेटे की, जिसका परिवार पानी में...
राजेंद्र नगर और कंकड़बाग में आज भी पांच लाख से अधिक लोग पानी में फंसे हुए हैं।

मेरे बाबूजी घर में अकेले हैं। वे ठीक से चल भी नहीं पाते। उनकी दवाइयां भी खत्म हो चुकी होंगी। वे वहां मर जाएंगे। काश, उस दिन मेरी जगह वे चले आते। यह दर्दनाक कहानी है एक बेटे की, जिसका परिवार पानी में फंस गया था। चार दिन पहले उसके परिवार के सारे सदस्यों को निकाल दिया गया। नाव भर जाने के कारण 90 साल के बुजुर्ग को वहीं छोड़ दिया गया। पटना में ऐसे सैकड़ों लोग पानी में अपने परिवार से मिलने के लिए भटक रहे हैं। 

राजेंद्र नगर और कंकड़बाग में आज भी पांच लाख से अधिक लोग पानी में फंसे हुए हैं। अब इन लोगों के पास न तो पानी है और ना ही राशन। प्रशासन भी लोगों को निकालने में घोर लापरवाही बरत रहा है। जब हिन्दुस्तान स्मार्ट की टीम ने दोनों इलाकों में गले भर पानी में उतरकर मौके का जायजा लिया तो ऐसे लोग मिले, जिन्होंने प्रशासन की पोल खोल दी। सिर्फ आठ नाव ही चल रही हैं, उसमें भी एक-दो खराब हो जाती हैं। वे चुनिंदा लोगों को निकाल रहे हैं। आम आदमी आज भी वहीं फंसा हुआ है। चिल्लाने और बुलाने के बाद भी नाव में बैठे लोग आम आदमी की तरफ नहीं देख रहे हैं। 

स्कूल-कोचिंग बंद 
पटना के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को चार अक्तूबर तक के लिए बंद कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने आदेश देते हुए कहा कि स्कूलों में पानी लगा हुआ है और बच्चों के साथ हादसा हो सकता है। इस दौरान सभी कोचिंग भी बंद रहेंगी। हालांकि अधिकतर स्कूलों में 5 अक्तूबर से दशहरे की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं। ऐसे में अब स्कूल 9 अक्तूबर को खुलेंगे। 

आज होगी बारिश
पटना सहित राज्य के चार जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना बन रही है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी मौसम अपडेट के अनुसार पटना, वैशाली, बेगूसराय, खगड़िया  में गुरुवार और शुक्रवार को मूसलाधार बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र ने इसे औरेंज अलर्ट के रूप में           इंगित किया है। 

चौंकाने वाली चार बातें
- कुछ लोग राहत की सामग्री लूट पीड़ितों को बेच रहे हैं
- 4 दिन में 90 फीसदी घरों में नहीं पहुंची राहत
- प्रभावित लोगों को ठहराव के लिए कोई व्यवस्था नहीं  
- दिनकर गोलंबर में चालू नहीं हुआ संप हाउस

पानी में डूबे पानी निकालने वाले संप 
राजेंद्रनगर इलाके में बुडको के 5 संप हाउस हैं। यहां15 मोटर लगाईं गईं हैं। ये सभी पंप हाउस भूतल में करीब 8 फीट गहराई में बनाए गए हैं। जिसकी वजह से अधिकांश संप हाउस डूब गए हैं। लाख प्रयास के बाद अभी तक सिर्फ 6 मोटर ही चालू हो पाए हैं। 

लोग अपना घर छोड़कर बाहर निकलना नहीं चाह रहे हैं। जिसकी वजह से दिक्कत आ रही है। एनडीआरएफ रिश्तेदार और संबंधियों को मिलाने वाले यातायात का कोई माध्यम नहीं है। हम सिर्फ आपदा की राहत दे रहे हैं। 
-कुमार रवि, डीएम, पटना

बाबूजी विजय निकेतन के शाखा कार्यालय में कर्मचारी है। हम सभी लोग कार्यालय में ही शेड बनाकर रहते थे। जब बाढ़ आई तो हमारा घर डूब गया। एनडीआरएफ टीम ने हमारे परिवार को पानी में फंसे देखा तो हमें किसी तरह निकाला। मैं, पत्नी और बच्चे ही केवल नाव में आ पाए। बचाव दल ने कहा कि वे बाबूजी को अगली बार आकर निकाल ले जाएंगे। मैं पिछले चार दिन से बाबूजी के पास जाने के लिए यहां आता हूं, लेकिन बचाव दल न तो ले जाता है और ना बाबूजी का कोई हाल बता रहा है। -दिनेश पंडित, राजेंद्रनगर

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