नगर निगम का 119 करोड़ मुनाफे का बजट पेश, जलनिकासी पर जोर

Malay, Last updated: Sun, 22nd Mar 2020, 1:25 PM IST
कोराना से बचाव के तमाम एहतियातों के बीच नगर निगम बोर्ड की शनिवार को हुई बैठक में आय-व्यय का ब्योरा पेश किया गया। इसमें विभिन्न योजनाओं पर खर्च के लिए बजट में जो प्रावधान किया गया है, उसमें नालों की...
पटना नगर निगम

कोराना से बचाव के तमाम एहतियातों के बीच नगर निगम बोर्ड की शनिवार को हुई बैठक में आय-व्यय का ब्योरा पेश किया गया। इसमें विभिन्न योजनाओं पर खर्च के लिए बजट में जो प्रावधान किया गया है, उसमें नालों की सफाई पर सबसे अधिक जोर दिया गया है। भविष्य में जलजमाव के कारण पटना फिर से न डूबे, इसके लिए नालों की सफाई के लिए सात गुना अधिक बजट का प्रावधान किया गया है। बड़े नालों की सफाई की दिशा में 50 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया। इससे पहले शहर में इन नालों की सफाई हर साल मुश्किल से 6 से 8 करोड़ में करवाई जाती रही है। निगम बोर्ड की बैठक में 10 सूत्रीय एजेंडे पर मुहर लगी। फ्रेजर रोड स्थित मौर्या होटल में आयोजित इस बैठक में निगम ने अपना वार्षिक बजट भी पेश किया, जिसमें 3,863 करोड़ आय के लक्ष्य के सापेक्ष्य में 3,744 करोड़ खर्च का बजट पेश किया गया।

119 करोड़ रुपए मुनाफे का बजट पेश 
इसबार आय से 119 करोड़ रुपये लाभ का बजट पेश किया गया है। पिछले साल 4428 के अनुमानित आय के सापेक्ष 4063 करोड़ रुपये खर्च का बजट पेश किया गया था। पिछले साल भी निगम की ओर से 365 करोड़ के फायदे का बजट पास किया गया था। लेकिन अपने कुल आय और व्यय पर निगम सालभर में कोसों दूर रहा। ऐसे में निगम ने शनिवार के बजट में पिछली रिपोर्ट को ही शामिल करते हुए सालभर का लेखा-जोख तो तैयार किया, लेकिन किसी भी नई और बड़ी योजना पर हाथ नहीं लगाया।

साल के अंत तक घर देने का लक्ष्य
पिछले साल से प्रतीक्षित शहर में बेघर लोगों को आवास दिए जाने की दिशा में निगम की 5 महत्वपूर्ण आवासीय योजना को साल के अंत तक पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य रखा गया है।  इन पांचों योजनाओं में पिछले साल के बजट में ही 377 करोड़ रुपये का खर्च निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 255 करोड़ की लागत पिछले साल बजट में पास सात व्यावसायिक भवनों के निर्माण कार्य को भी अप्रैल महीने से शुरू कर दिए जाने का निगम ने दावा किया है। महापौर की अध्यक्षता में आयोजित निगम की बोर्ड बैठक में  निगम आयुक्त हिमांशु शर्मा ने विस्तार से बताया।

उठा स्मार्ट का मुद्दा
नालों की सफाई की बात हो या फिर सफाई काम में जुटे कर्मचारियों की सुरक्षा की। कुछ दिन पहले स्मार्र्ट ंहदुस्तान द्वारा उठाए गए मुद्दे को वार्ड पार्षदों ने सिलसिलेवार उठाया। वार्ड संख्या 34 के पार्षद कुमार संजीत ने कहा कि सैकड़ों कर्मचारी असुरक्षित तरीके से नाला सफाई कर रहे हैं। उन्होंने निगम अधिकारियों को घेरते हुए कहा कि देशभर में कंकड़बाग और राजेंद्रनगर में जल जमाव की सूचना फैली थी। लेकिन जल जमाव से राहत की 50 करोड़ की योजना में इन दोनों इलाकों को छोड़ दिया गया। नगर आयुक्त ने आश्वस्त किया कि उन इलाकों का प्रस्ताव बनाकर दिया जाय।

आपदा के लिए 3 करोड़, 1.5 करोड़ से पार्षद किए जाएंगे ट्रेंड
मौजूदा समय में कोरोना वायरस का खौफ और इससे पहले राजधानी के जल जमाव जैसी आपदाओं से बचाने के लिए निगम की ओर से पेश बजट में 3 करोड़ रुपये की राशि का निर्धारण किया गया है। यह पैसा आपदा से बचाव के लिए उपकरण, दवा, कैंप, कर्मचारी प्रशिक्षण आदि में लगाया जाएगा। इसके अलावा 1.5 करोड़ रुपये वार्डों की निगाहबानी करने वाले पार्षदों की ट्र्रेंनग के लिए रखा गया है।

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