बड़ा खुलासा : नेपाल का जालिम मुखिया भारत में भेजना चाहता था कोरोना संक्रमित

Malay, Last updated: Sat, 11th Apr 2020, 11:34 AM IST
आईएसआई गतिविधियों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाली भारत-नेपाल की खुली सीमा एक बार फिर बड़ा खतरा बन सकती है। नेपाल के रास्ते भारत में कोरोना के संदिग्धों को भेजने की तैयारी उजागर हुई। सशस्त्र सीमा बल...
नेपाल का जालिम मुखिया

आईएसआई गतिविधियों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाली भारत-नेपाल की खुली सीमा एक बार फिर बड़ा खतरा बन सकती है। नेपाल के रास्ते भारत में कोरोना के संदिग्धों को भेजने की तैयारी उजागर हुई। सशस्त्र सीमा बल की निगहबानी में खुली सीमा के रास्ते संक्रमण फैलाने का राज उजागर होते ही पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। 

सूत्रों की मानें तो सशस्त्र सीमा बल ने बिहार पुलिस व अन्य अधिकारियों को खुफिया जानकारी दी थी कि नेपाल से बिहार के रास्ते भारत में कोरोना वायरस को फैलाने की तैयारी की जा रही है। नेपाल में रह रहे कुछ लोगों की मदद से 40 से 50 की संख्या में कोरोना पॉजिटिव लोगों को भारत में भेजने की कोशिश की जा रही थी। सूत्र बताते हैं कि एसएसबी को सूचना मिली थी कि नेपाल की खुली सीमा के रास्ते संक्रमित लोग भारतीय सीमा में प्रवेश करेंगे। वे अलग-अलग हिस्सों में घूमकर संक्रमण फैलाएंगे। ये अलग-अलग इलाकों में सब्जी मंडी, किराना दुकानों पर पहुंचते। इनके टारगेट पर भीड़-भाड़ वाले इलाके हैं, जहां वे आसानी से संक्रमण फैला सकते हैं।

नेपाल के जालिम मुखिया का नाम आया सामने 
इस पूरे मामले में नेपाल के जिस जालिम मुखिया का नाम आ रहा है, सामने वह पूर्व नेपाली सांसद व आईएसआई एजेंट दिलशाद बेग मिर्जा का शागिर्द रहा है। सूत्रों का कहना है कि दिलशाद बेग मिर्जा के साथ जालिम मुखिया भारत विरोधी कार्यो में संलिप्त रहा है। नेपाल के पूर्व सांसद मिर्जा की हत्या के बाद यह अलग हो गया था, लेकिन इसके संपर्क नेपाल में रह रहे आईएसआई एजेंट के साथ रहे हैं। इस पूरे मामले में जालिम मुखिया का नाम आने के बाद उसकी कुंडली खंगाली जा रही है। जालिम मुखिया नेपाल के परसा जिले का रहने वाला है और एक कुख्यात हथियार तस्कर है। जालिम मुखिया जाली नोटों की तस्करी के साथ वाहन चोरी का भी सरगना बताया जा रहा है।

3 अप्रैल को किया गया अलर्ट 
सूत्रों का कहना है कि जालिम मुखिया की साजिश की जानकारी खुफिया तंत्र के जरिये भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी को लगी थी। सूत्रों की मानें तो 3 अप्रैल को एसएसबी 47 बटालियन ने आईजी एसएसबी को सूचना देने के साथ पुलिस अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दे दी थी। एसएसबी कमांडेंट ने बिहार के पश्चिमी चंपारण के डीएम और एसपी को इस संबंध में पत्र भी लिखा है, जिसमें जालिम मुखिया और उसकी साजिश के बारे में बताया गया है। एसएसबी का पत्र मिलते ही सबसे पहले वेस्ट चंपारण और फिर सीतामढ़ी के डीएम ने लेटर जारी किया और बॉर्डर इलाके के थानों की पुलिस टीम को अलर्ट कर दिया।

नेपाल से बिहार के रास्ते भारत में कोरोना के संक्रमितों को भेजने की गुप्त सूचना मिली थी। एसएसबी का पत्र मिलते ही सीमा पर अलर्ट कर दिया गया है। सुरक्षा को लेकर सभी उपाय किए जा रहे हैं। किसी भी दशा में कोई संदिग्ध भारतीय सीमा में प्रवेश नहीं कर पाएगा।
- गुप्तेश्वर पांडेय, पुलिस महानिदेशक 

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