कीट जनित रोगों से बचाएगी नई त्वचा क्रीम

Malay, Last updated: Thu, 16th Apr 2020, 4:34 PM IST
मच्छरों से सैकड़ों वायरस फैलते हैं जो मनुष्यों को संक्रमित कर सकते हैं। इनमें डेंगू वायरस, वेस्ट नाइल वायरस, जीका वायरस और चिकनगुनिया वायरस शामिल हैं, जिनके हाल के वर्षों में व्यापक प्रकोप देखने को...
मच्छरों से सैकड़ों वायरस फैलते हैं जो मनुष्यों को संक्रमित कर सकते हैं।

मच्छरों से सैकड़ों वायरस फैलते हैं जो मनुष्यों को संक्रमित कर सकते हैं। इनमें डेंगू वायरस, वेस्ट नाइल वायरस, जीका वायरस और चिकनगुनिया वायरस शामिल हैं, जिनके हाल के वर्षों में व्यापक प्रकोप देखने को मिले हैं। शोधकर्ताओं ने एक नई त्वचा क्रीम बनाई है, जिसमें कीट जनित रोगों से लड़ने की क्षमता है। डेंगू और जीका वायरस से होने वाली खतरनाक बीमारियों से लड़ने के लिए शोधकर्ताओं ने एक नई त्वचा क्रीम बनाई है। एक हालिया अध्ययन के मुताबिक ‘इमिकिमॉड या अल्दारा’ नामक इस क्रीम का उपयोग आमतौर पर गुप्तांग में होने वाले संक्रमण और त्वचा कैंसर के इलाज के लिए किया जाता है।

कीट जनित रोगों से लड़ने की क्षमता
ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स के शोधकर्ता क्लाइव मैककिमी और उनकी टीम ने बताया कि चिकित्सकीय रूप से स्वीकृत और व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली इस त्वचा क्रीम में कीट जनित रोगों से दोबारा लड़ने की क्षमता है। साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित निष्कर्षों को जानने के लिए, शोधकर्ताओं ने मच्छरों द्वारा फैलाए जाने वाले चार प्रकार के वायरस का अध्ययन किया और उन्होंने पाया कि मच्छर के काटने के एक घंटे के भीतर एक क्रीम लगाने से उनके मॉडल में संक्रमण दर कम हो गई। 

संक्रमण को फैलने से रोकती है 
शोधकर्ताओं ने त्वचा क्रीम के प्रभाव को समझने के लिए दो अलग-अलग मॉडलों, मानव त्वचा के नमूने और चूहों का उपयोग किया। दोनों मामलों में उन्होंने पाया कि इस त्वचा क्रीम को लगाने से एक चेतावनी संकेत मिलता है जो त्वचा की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को तेजी से सक्रिय कर देती है। ये किसी भी संभावित संक्रमण के खतरों से लड़ता है। यह क्रीम वायरस को शरीर के चारों ओर फैलने और बीमारी पैदा करने से भी रोकती है। मच्छरों के काटने से सैकड़ों वायरस फैलते हैं जो मनुष्यों को संक्रमित कर सकते हैं। इनमें डेंगू वायरस, वेस्ट नाइल वायरस, जीका वायरस और चिकनगुनिया वायरस शामिल हैं, जिनके हाल के वर्षों में व्यापक प्रकोप देखने को मिले हैं। वर्तमान में, इन संक्रमणों से निपटने में मदद करने के लिए कुछ ही एंटी-वायरल दवाएं और टीके उपलब्ध हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, जब कोई मच्छर काटता है, तो शरीर पंचर होने वाली त्वचा के शारीरिक आघात को कम करने के लिए बहुत विशिष्ट तरीके से प्रतिक्रिया करता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, मच्छर के काटने से घाव भरने की मरम्मत की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, हालांकि, त्वचा खुद को वायरल  हमले का जवाब देने के लिए तैयार नहीं करती है। 

प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करती है क्रीम
शोधकर्ताओं ने पाया कि मच्छर के काटने के बाद त्वचा क्रीम लगाने से वह वायरस के समस्या बनने से पहले ही प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया को पूर्व-सक्रिय कर सकती हैं। क्रीम ने त्वचा में एक प्रकार की प्रतिरक्षा कोशिका को प्रोत्साहित किया, जिसे मैक्रोफेज कहा जाता है, यह शरीर से चारों ओर फैलने से पहले वायरस से लड़ने के लिए तुरंत कार्रवाई करती है।

कई वायरसों के खिलाफ प्रभावी है क्रीम 
शोधकर्ताओं ने कहा कि हमारे परिणामों की सबसे खास बात यह है कि यह क्रीम केवल किसी विशेष वायरस को लक्षित नहीं करती बल्कि यह कई अलग-अलग वायरस के खिलाफ भी प्रभावी थी। शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर हम इस रणनीति को एक उपचार के विकल्प के रूप में विकसित करें, तो हम इसका उपयोग कई बीमारियों से निपटने में कर सकते हैं जिनका निदान हम अभी तक नहीं ढूंढ पाएं हैं। मच्छरों के काटने से सैकड़ों वायरस फैलते हैं जो मनुष्यों को संक्रमित कर सकते हैं। इनमें डेंगू वायरस, वेस्ट नाइल वायरस, जीका वायरस और चिकनगुनिया वायरस शामिल हैं, जिनके हाल के वर्षों में व्यापक प्रकोप देखने को मिले हैं। 

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