काेरोना से जंग: बिना स्क्रीनिंग कराए घर पहुंच गए यात्री

Malay, Last updated: Tue, 24th Mar 2020, 11:10 AM IST
दानापुर जंक्शन पर महाराष्ट्र से भेजे जा रहे यात्रियों का आना लगातार जारी है। बिहार में लॉकडाउन के बाद से हालात गंभीर हुए हैं। सुबह साढ़े नौ बजे जैसे ही पूणे से चली पहली ट्रेन पहुंची आरपीएफ ने इसे घेर...
पुणे से चली दो स्पेशल ट्रेनों को सीधे दानापुर आना था, लेकिन जांच के डर से बीच में उतर गए लोग

दानापुर जंक्शन पर महाराष्ट्र से भेजे जा रहे यात्रियों का आना लगातार जारी है। बिहार में लॉकडाउन के बाद से हालात गंभीर हुए हैं। सुबह साढ़े नौ बजे जैसे ही पूणे से चली पहली ट्रेन पहुंची आरपीएफ ने इसे घेर लिया। इसके बाद सभी यात्रियों को लाइन लगाकार रेलवे हाईस्कूल पहुंचाया गया। मौके पर मौजूद आरपीएफ के अफसरों ने मोर्चा संभाला। सिविल सर्जन की देखरेख में यहां यात्रियों की थर्मल स्क्र्रींनग पूरे दिन जारी रहा। इसके बाद दोपहर डेढ़ बजे महाराष्ट्र में काम करने वाले मजदूरों से लदी ट्रेन पहुंची। सभी यात्रियों को लाइन में लगाकर अस्पताल पहुंचाया गया। यात्रियों को एक मीटर की दूरी बनाकर चलने को कहा गया। हालांकि, इस दौरान यात्री लगातार पानी और खाने की मांग कर करते रहे। रेलवे की ओर से शौचालय के अलावा कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराया गया है। स्कूल परिसर में मौजूद पानी टंकी के सहारे ही प्यास बुझाया।

कैसे मिटेगा कोरोना, जब दूरी ही नहीं बचेगी
एक तरह कोरोना संक्रमण की जांच में लगी टीम थर्मल स्क्र्रींनग कर रही है। जबकि ट्रेन से आने वाले यात्रियों को एक लाइन में बैठा दिया जा रहा है। एक दूसरे से सटकर बैठे रेल यात्री लगातार परेशान हैं। जांच ने नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। आरपीएफ के अफसरों से इसपर जब बात की गई तो उन्होंने चुप्पी साध ली। इतना हीं नहीं संक्रमण का केस कितना मिल रहा है। 

प्रदेश के सभी जिलों के लिए की  गई 38 बसों की व्यवस्था
रेल यात्रियों की जैसे-जैसे जांच शुरू हुई, उन्हें अलग किया गया। इसी दौरान भीड़ के बीच की दूरी खत्म हो गई। परिवहन विभाग ने 38 बसों की परिचालन कराया। प्रदेश के सभी जिले के लिए बस की व्यवस्था की गई थी। शाम चार बजे के बाद विभिन्न रूटों से खुलने वाली बसों में लोगों को भरकर भेजा गया। इसमें 90 फीसदी से अधिक लोग मजदूर वर्ग के थे। 

दानापुर स्टेशन पर लगभग 6000 यात्री आए
सोमवार को दानापुर स्टेशन पर मुंबई और पुणे से दो गाड़ियां आई जिसमें लगभग 6000 लोग यात्रा कर कर आए थे उन लोगों को क्रमबद्ध करके आरपीएफ खगौल थाना जिला प्रशासन की मदद से रेलवे उच्च विद्यालय ले जाकर उनका स्क्र्रींनग किया गया उसमें से 26 लोग संदिग्ध पाए गए। जिनको आगे की इलाज के लिए जिला प्रशासन अस्पताल भेज दिया, बाकि लोगों को बस द्वारा उनके घर भेजा गया। वहीं, चार ट्रेनें एक नंबर प्लेटफार्म पर आकर लगी उसमें से लगभग 35 सौ लोग यात्रा कर रहे थे जिन्हें दानापुर प्लेटफॉर्म नंबर एक के प्रोटिगो में रेल प्रशासन व रेलवे हॉस्पिटल के सीएमएस  एवं उनकी टीम के द्वारा स्क्र्रींनग किया गया।

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