पटना के जोड़े विवाह पंजीयन में पीछे

Malay, Last updated: 25/12/2019 04:25 PM IST
एक आंकड़े के अनुसार पटना में हर साल लगभग 10 हजार शादियां होती हैं, लेकिन उसकी सरकारी मान्यता लेने में लोग काफी पीछे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने जन्म प्रमाणपत्र की तरह ही विवाह का...
प्रतीकात्मक तस्वीर

एक आंकड़े के अनुसार पटना में हर साल लगभग 10 हजार शादियां होती हैं, लेकिन उसकी सरकारी मान्यता लेने में लोग काफी पीछे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने जन्म प्रमाणपत्र की तरह ही विवाह का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद भी लोग शादी का निबंधन नहीं करा रहे हैं। पिछले 11 साल में पटना निबंधन ऑफिस में 8164 लोगों ने हीं शादी का निबंधन कराया है, जबकि इससे अधिक शादियां एक सीजन में हो जाती हैं। लोग इसकी अहमियत नहीं समझते और नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आपने अपनी शादी की कानूनी मान्यता नहीं ली है, तो पहुंचिए निबंधन कार्यालय और ले लीजिए मान्यता। 

कोर्ट मैरेज करने वालों की संख्या अधिक 
पटना निबंधन कार्यालय में लव मैरेज कर रजिस्ट्रेशन कराने वाले सबसे अधिक हंै। जहां 10 साल के बीच अरेंज मैरेज करने वाले 755 जोड़ों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, वहीं लव मैरेज और दूसरे धर्म को मानने वाले 6050 जोड़ों ने 2007 से 2016 तक रजिस्ट्रेशन कराया है। लव मैरेज करने वालों में शादी को कानूनी जामा पहनाने और शादी को पुख्ता बनाने के लिए निबंधन कार्यालय में पंजीकरण कराया है। 2016 अक्टूबर तक अरेंज मैरेज करने वाले जोड़े का एक भी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ, वहीं लव मैरेज व अन्य धर्म से संबंधित 755 जोड़ों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। 

ये दस्तावेज हैं जरूरी 
पति-पत्नी द्वारा हस्ताक्षर किया हुआ आवेदन पत्र। दोनों की जन्मतिथि का प्रमाण पत्र। अगर शादी किसी धार्मिक स्थल पर हुई हो तो वहां के पुरोहित या पंडित द्वारा जारी किया गया विवाह प्रमाण पत्र। अगर आप किसी विदेशी से शादी कर करने जा रही हैं तो उस व्यक्ति के देश की एम्बेसी से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट हो। अगर अपना सरनेम बदलना चाहती हैं तो 10 रुपए का नॉन-ज्यूडिशियल स्टैम्प पेपर। 10 रुपये का नॉन-ज्यूडिशियल स्टैम्प पेपर पर पति-पत्नी द्वारा अलग-अलग एफिडेविट। 

रजिस्ट्रेशन कराने के फायदे
यह प्रमाणपत्र पति-पत्नी के संबंध को प्रमाणित करता है। पासपोर्ट बनवाने के लिए सहायक है। यदि पति किसी दूसरे देश का नागरिक हो तब पत्नी को इस देश की नागरिकता दिलाता है। पति की मृत्यु के बाद पत्नी को उसके अधिकार दिलाने में सहायक है। यदि विवाह के बाद पत्नी का नाम बदला गया है तब पत्नी अपने सारे अभिलेखों में अपने नाम को इस प्रमाणपत्र की सहायता से दर्ज करा सकती है। अगर आप शादी के बाद अपना सरनेम नहीं बदलना चाहतीं, तब यही दस्तावेज आपको शादी से संबंधित सभी कानूनी फायदे पहुंचाने में सहायक होगा। संयुक्त बैंक खाता और जीवन बीमा करवा सकती हैं। राष्ट्रीयकृत बैंक में लोन लेने में सहायक है। अगर पति सरकारी नौकरी में हैं, तो सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधा का उपयोग कर सकती हैं। 

निबंधन कराने वाले 
2009-     383
2010-     492
2011-     573
2012-     672
2013-     784
2014-     779
2015-     865
2016-     940
2017-     903
2018-     954
2019 अब तक-819  

कोर्ट मैरिज करने वाले  
2009-     463
2010-     546
2011-     583
2012-     668
2013-    770
2014-     777
2015-     784
2016-     1040
2017-     1194
2018-     1122
2019 अब तक-1149
(जिला निबंधन कार्यालय पटना के आंकड़े के अनुसार)  

लोग विवाह रजिस्ट्रेशन कराने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। अगर किसी जोड़े को विदेश जाना हो या सरकारी लाभ लेना हो, तभी वे जिला निबंधन कार्यालय पहुंचते हैं। विवाह का निबंधन कराना अमीर-गरीब सभी के लिए समान रूप से अनिवार्य है। इसके कई सारे फायदे हैं। 
-सत्यनारायण चौधरी, जिला अवर निबंधक

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