पटना डेंटल मेडिकल कॉलेज: दांतों का संसार देखने आप भी आइए

Malay, Last updated: 05/12/2019 11:05 AM IST
बड़े बुजुर्ग कहते हैं जिंदगी का मजा तभी तक है, जब तक आपके दांत सलामत हैं। इस बात को कहने के पीछे तर्क ये है कि दांत न रहने पर ऐसी बहुत सारे खाने की चीजें हैं, जिनका मजा आप नहीं ले पाते हैं। दांत खाना...
दांतों में होने वाली परेशानियों की अनदेखी का दुष्परिणाम देखना है तो पटना डेंटल मेडिकल कॉलेज में आइए। यहां एक खास म्यूजियम है। इसमें चित्रों और कलाकृतियों के माध्यम से दांतों से संबंधित बारीकियों को बत

बड़े बुजुर्ग कहते हैं जिंदगी का मजा तभी तक है, जब तक आपके दांत सलामत हैं। इस बात को कहने के पीछे तर्क ये है कि दांत न रहने पर ऐसी बहुत सारे खाने की चीजें हैं, जिनका मजा आप नहीं ले पाते हैं। दांत खाना चबाने में मदद करने के साथ—साथ हमारी खूबसूरती भी बढ़ाते हैं। इन सब बातों को जानने के बाद भी अक्सर लोग दांतों के स्वास्थ्य के प्रति उतने सजग नहीं होते हैं, जितना उन्हें होना चाहिए। इसी बात को समझाने की शानदार पहल पटना डेंटल मेडिकल कॉलेज में की गई है। यहां एक कमरे में बनाया गया छोटा म्यूजियम आपको दांतों से संबंधित हर बारीकियों को बता देगा। इस म्यूजियम की भी कहानी खास है। आइए, सबसे पहले आपको इस म्यूजियम के बारे में बताते हैं।

पटना डेंटल मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी डिपार्टमेंट की  अध्यक्ष डॉ मिंटी कुमारी की बेहतर सोच का ही नतीजा यह म्यूजियम है। इसके लिए उन्हें कहीं से कोई बजट नहीं मिला, मिली तो बस जगह। एक कमरे में दांतों का संसार कैसे बसाया जाता है, कोई डॉ मिंटी से सीखे। यहां चित्रों और कलाकृतियों के माध्यम से दांतों की बारीकियों को समझाया गया है। बकौल डॉ मिंटी, दांत हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसकी देखभाल उतनी ही जरूरी है, जितनी अन्य अंगों की। परंतु हम दांतों को लेकर अक्सर लापरवाही बरतते हैं। यह भी साफ है कि कोई दांत अचानक से खराब नहीं हो जाता। उसे खराब होने में कम से कम तीन महीने तक का समय लगता है। इसलिए मैंने सोचा कि दांतों को लेकर कुछ ऐसा किया जाए, जो आम आदमी समझ सके।  

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