जहरीला हो रहा है पटना: निगम की गाड़ियों में डाला जा रहा मेडिकल वेस्ट

Malay, Last updated: Mon, 1st Jul 2019, 12:20 AM IST
शहर के निजी अस्पतालों से निकलने वाला मेडिकल वेस्ट नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ियों में डाला जा रहा है। यह इतना हानिकारक है कि किसी दिन बड़ी त्रासदी भी हो सकती है, क्योंकि मेडिकल वेस्ट को खुले में...
आईजीआईएमएस में ही इस तरह फेंक दिया जा रहा है मेडिकल वेस्ट।

शहर के निजी अस्पतालों से निकलने वाला मेडिकल वेस्ट नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ियों में डाला जा रहा है। यह इतना हानिकारक है कि किसी दिन बड़ी त्रासदी भी हो सकती है, क्योंकि मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंकने से संक्रामक बीमारी होने का खतरा हमेशा बना रहता है। यही नहीं अगर इस वेस्ट को जला दिया जाए तो निकलने वाला धुंआ भी जानलेवा हो सकता है। इस खेल में कई बड़े लोग शामिल हैं। रविवार को रंगे हाथों निगम की गाड़ी में मेडिकल वेस्ट डालते हुए दो लोग पकड़े गए, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आपको बात दें पिछले 20 दिन से आईजीआईएमएस का इंसीनरेटर बंद है। जिसके कारण वेस्ट को मुजफ्फरपुर भेजने की व्यवस्था की गई है। पैसा बचाने के चक्कर में कंपनी पटना को ही जहरीला बना रही है।

मेडिकल वेस्ट को इंसीनरेटर में नष्ट करने के बजाए इसे निगम के कचरे में मिला दिया जा रहा है। इसका खुलासा रविवार को तब हुआ जब निगम के कर्मचारी ने पुलिस से शिकायत कर दी। कचरे का यह खेल संगम मेडिसर्व प्राइवेट लिमिटेड की गाड़ी से किया जा रहा था। यह वही एजेंसी है जिसे पटना सहित छह जिलों के बायोमेडिकल वेस्ट को नष्ट करने का जिम्मा दिया गया है। निगम के सफाईकर्मियों ने आरोपियों को थाने तक पहुंचाया लेकिन मामला रफा—दफा कर दिया गया। हालांकि, एजेंसी ने दावा किया है कि संबंधित गाड़ी को सीज करते हुए चालक सहबुव व एक अन्य पर भी कार्रवाई की जा रही है। यह पहली बार नहीं हुआ है, इसके पहले भी निगम अधिकारियों ने मेडिकल वेस्ट को कचरे में मिलाते हुए पकड़ा था। इसके बाद जुर्माना लेकर छोड़ दिया गया था। गौरतलब है कि शहर के 1142 निजी अस्पतालों का मेडिकल वेस्ट आईजीआईएमएस के इंसीनरेटर में ही होता है, लेकिन यह पिछले 20 दिनों से बंद पड़ा है। 

इंसीनरेटर भी उगल रहा था जहर 
इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में लगा इंसीनरेटर पटना की हवा में जहर उगल रहा था। 20 दिन पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में सामने आया कि धुएं में से खतरनाक गैस फिरान निकल रही है, जो कि आमजन के लिए जानलेवा है। इसके बाद इंसीनरेटर को अपडेट करने के निर्देश के साथ बंद कर दिया गया। इस दौरान पटना सहित आधा दर्जन जिलों के मेडिकल वेस्ट को मुजफ्फरपुर भेजने का निर्देश दिया गया है। 

जान से खेल रही एजेंसी 
पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, नालंदा के मेडिकल वेस्ट नष्ट करने के लिए आईजीआईएमएस में इंसीनरेटर  लगाया गया है। प्रबंधन का जिम्मा संगम मेडिसर्व प्राइवेट लिमिटेड को है। इसके लिए 22 गाड़ियों को रखा है। मानीटरिंग नहीं हो पाने के कारण गाड़ियों से कचरा निगम की गाड़ी में डाल दिया जा रहा है।

इंसीनरेटर बंद होने से वेस्ट का खेल 
इंसीनरेटर जब 20 दिनों से बंद है तो बायोमेडिकल वेस्ट कहां जा रहा है, यह बड़ा सवाल है। सूत्र बताते हैं कि कचरा मुजफ्फरपुर इंसीनरेटर तक पहुंच ही नहीं रहा है। गाड़ी वाले मनमानी कर उसे बीच में इधर—उधर फेंंक दे रहे हैं। इसकी कोई मानीटिरंग नहीं हो रही है।

खतरे में जान 
- बायोमेडकिल वेस्ट का एक कण भी खुले घाव को नासूर बना सकता है।
- बायोमेडिकल वेस्ट के कण हवा में उड़कर आपके फेफडे़ तक पहुंच सकते हैं। 
- इंजेक्शन और रुई पट्टी का खून भी आपको गंभीर संक्रमण दे सकता है।
- इसे खाकर जानवरों की मौत हो सकती है। इसके अलावा वेस्ट खाने वाले जानवरों के दूध से संक्रमण फैलने का डर रहता है। 

हम गाड़ी बाहर से लगाते हैं और गाड़ी वाले ही मनमानी करते हैं। निगम के कचरे में मेडिकल वेस्ट मिलाया जा रहा था, यह मामला संज्ञान में आते ही गाड़ी को सीज कर दिया गया है। वाहन चालकों को निर्देश दिया गया है कि मेडिकल वेस्ट  को निगम की गाड़ी में न डालें। ऐसा करते हुए कोई पकड़ा गया तो कार्रवाई होगी।  
— संजय सिंह,  मैनेजर, संगम मेडिसर्व प्राइवेट लिमिटेड 

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