गरीब की थाली होगी महंगी

Malay, Last updated: Sat, 6th Jul 2019, 12:22 AM IST
बिहार में पहले से ही पेट्रोल और डीजल पर राज्य सरकार ने अधिक टैक्स लगा रखा है। बिहार की अपेक्षा उत्तर प्रदेश में करीब 5.32 रुपए और झारखंड में 2 रुपए डीजल सस्ता है। ऐसे में जैसे ही वित्त मंत्री ने...
पटना में आज से बढ़ जाएंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें

बिहार में पहले से ही पेट्रोल और डीजल पर राज्य सरकार ने अधिक टैक्स लगा रखा है। बिहार की अपेक्षा उत्तर प्रदेश में करीब 5.32 रुपए और झारखंड में 2 रुपए डीजल सस्ता है। ऐसे में जैसे ही वित्त मंत्री ने पेट्रोल और डीजल पर 1-1 रुपए अतिरिक्त टैक्स लगाने की बात कही तो पटना के गरीबों की चिंता बढ़ गई कि अब घर खर्च कैसे चलेगा? इस टैक्स के कारण पेट्रोल 2.5 और डीजल 2.30 रुपए महंगा हो जाएगा। दोनों के महंगे होते ही सब्जी से लेकर मसाले तक, ऑटो से लेकर सिटी बस तक का किराया बढ़ सकता है। 10 हजार में अपना महीना चलाने वाले व्यक्ति को अब कम से कम 10 हजार 600 रुपए की जरूरत पड़ेगी। 

पटना में शुक्रवार से पेट्रोल 2.34 और डीजल 2.32 रुपए महंगा हो जाएगा। इस बढ़ोतरी का कारण शुक्रवार को पेश हुए आम बजट में पेट्रोल और डीजल पर 1-1 रुपए की लगाई गई अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी है। आपको बात दें कि पेट्रोल पर पहले 2.98 रुपए एक्साइज था, अब 3.98 रुपए होगा। वहीं डीजल पर 4.83 रुपए एक्साइज ड्यूटी को बढ़ाकर 5.83 रुपए कर दिया गया है। तेल के मूल्य और एक्साइज ड्यूटी को जोड़ने के बाद जो कीमत आती है उस पर ही टैक्स और शुल्क लगते हैं। यानी एक्साइज के एक रुपए बढ़ने का मतलब 2-3 रुपए बढ़ना है। ऐसे में एक रुपए की बढ़ोतरी से सरकार को महीने में अरबों का फायदा होने वाला है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि डीजल की कीमत 42.53 और पेट्रोल की कीमत 39.89 रुपए है। इस पर इतने तरीके के कर व शुल्क लगाए जाते हैं कि यह आपके पास पहुंचते-पहुंचते दोगुनी कीमत का हो जाता है। 

बिगड़ जाएगा घर का बजट
शहर में तकरीबन एक लाख नौकरी वाले बाइक और स्कूटी से चलते हैं। इनमें ज्यादातर सेल्समैन हैं और इनके वेतन से ही घर खर्च चलता है। पेट्रोल की कीमतें बढ़ते ही इनका बजट बिगड़ जाएगा, क्योंकि अगर अभी पेट्रोल का मासिक खर्च तीन हजार होगा तो यह इस महीने से 3500 रुपए पहुंच जाएगा। दूसरी तरफ अनाज-सब्जी महंगी हुईं तो कई घरों का खर्चा चलना भी मुश्किल हो जाएगा। 

बिहार में पहले से महंगा है तेल
राज्य सरकार ने डीजल पर 15 व पेट्रोल पर 22.5 प्रतिशत वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) लगा रखा है, जिसके कारण यहां बाकी प्रदेशों की अपेक्षा पेट्रोल-डीजल पहले से महंगे हैं। अभी राज्य सरकार प्रति लीटर पेट्रोल पर 12.97 रुपए और डीजल पर 8.53 रुपए कर के तौर पर लेती है। एक रुपए एक्साइज बढ़ने के बाद यह राशि भी बढ़ जाएगी। 

कुछ इस तरह बढ़ सकती है महंगाई
अनाज:
खेती के सभी उपकरण डीजल से चलते हैं। इसके महंगे होते ही किसान पर बोझ बढ़ेगा, जिसका असर अनाज पर भी दिखेगा।

परिवहन: ऑटो और सिटी बसें डीजल-पेट्रोल से चलती हैं। तेल की कीमत बढ़ने पर ये लोग भी अपना किराया बढ़ा सकते हैं।

सब्जियां: पटना में अधिकतर सब्जियां दूसरे शहरों से आती हैं। डीजल के दाम बढ़ते ही इनकी कीमतें भी उछाल मार सकती हैं। 

घरेलू सामान: अधिकतर घरेलू उपकरण बनाने वालीं फैक्टरियों में डीजल से काम किया जाता है, ऐसे सामान भी महंगे हो सकते हैं। 

कच्चे तेलों की कीमत में थोड़ी गिरावट आई है, इसलिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को एक रुपए बढ़ाने का प्रस्ताव करती हूं। 
-निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री

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