पटना

दारोगा भर्ती परीक्षा में ठगों का नेटवर्क तोड़ने में जुटी पुलिस

Malay, Last updated: 27/12/2019 09:57 AM IST
दारोगा भर्ती परीक्षा में सेटरों की तलाश में पटना पुलिस का सर्विलांस एक्टिव हो गया है। ताबड़तोड़ छापेमारी के साथ कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने ठगों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम को...
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दारोगा भर्ती परीक्षा में सेटरों की तलाश में पटना पुलिस का सर्विलांस एक्टिव हो गया है। ताबड़तोड़ छापेमारी के साथ कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने ठगों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम को लगाया है। अधिकारियों के आदेश के बाद पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है। ठगों का नेटवर्क खंगालने के लिए मोबाइल नंबर के साथ बैंक खाता के माध्यम से पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि बहुत जल्द पूरा नेटवर्क बेनकाब हो जाएगा।

- ठगों का खंगाला जा रहा नेटवर्क
बिहार शरीफ से पुलिस ने दो ठगों को पकड़ा था। इसमें मेहरपर निवासी मिथिलेश कुमार और गिरियक के विशुनपुर निवासी मंटू कुमार को गिरफ्तार किया गया था। दोनों के पास से पुलिस ने 93 हजार रुपए नगद के साथ दारोगा परीक्षा का एडमिट कार्ड और एटीएम के साथ कई आधार कार्ड भी बरामद किया था। पुलिस का दावा है कि आधार कार्ड फर्जी था। पुलिस ने दावा किया था कि दोनों ठग बेरोजगार युवकों से दारोगा बनाने के नाम पर ठगी करने का काम कर रहे थे। दोनों ठगों के पास से जब्त कागजों और लैपटॉप के आधार पर जांच की जा रही है। परीक्षा के बाद पुलिस के हाथ लगी इस सफलता के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।

- पटना में ठगों का बड़ा नेटवर्क
पटना में ठगों का बड़ा नेटवर्क है जो कोलकाता से लेकर अन्य राज्यों से जुड़ा है। ऐसे नेटवर्क को खंगालने के लिए पुलिस गोपनीय रूप से काम कर रही है। दारोगा भर्ती परीक्षा में ठगों ने कई बेरोजगारों को निशाना बनाया है। कुछ परीक्षार्थियों ने इसकी सूचना भी दी है। हिन्दुस्तान समार्ट ने तो परीक्षार्थी बनकर ठग से ठगी का पूरा राज उगलवा लिया था। इस खुलासे के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। सिटी एसपी सेंट्रल विनय तिवारी का कहना है कि ठगों का नेटवर्क खंगालकर उन्हें जेल भेजने के लिए पटना पुलिस जांच कर रही है।

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