क्रिसमस की तैयारी: एकता का प्रतीक है यूनियन चर्च

Malay, Last updated: 23/12/2019 12:33 AM IST
मानवता से प्रेम और बेसहारों को सहारा देने का मूल मंत्र कहीं से गूंज रहा हो तो समझ लीजिए वह जगह खगौल का यूनियन चर्च है, जो वर्षों से आपसी एकता का संदेश रहा है। लाल रंग और चर्च के ऊपर प्लस का चिह्न...
खगौल के यूनियन चर्च में 2014 से प्रार्थना करवा रहे फादर मसी ने बताया कि यह चर्च काफी पुराना है। इसके ढांचे में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसकी देखरेख नियमित होती है। लाल रंग और चर्च के ऊपर प्लस का चिह्न ज

मानवता से प्रेम और बेसहारों को सहारा देने का मूल मंत्र कहीं से गूंज रहा हो तो समझ लीजिए वह जगह खगौल का यूनियन चर्च है, जो वर्षों से आपसी एकता का संदेश रहा है। लाल रंग और चर्च के ऊपर प्लस का चिह्न जोड़ने का संदेश देता है। चर्च के पादरी फादर रेवरन रितेश मसीह के अनुसार इसकी स्थापना आपसी भाईचारा और एकता का संदेश देने के लिए हुई थी। यहां पर आकर प्रार्थना करने से मुरादें पूरी हो जाती हैं। जब भी कोई बीमार के साथ किसी तरह की दिक्कत होती है तो वह एक बार यूनियन चर्च में जरूर आता है। एक बार इस चर्च में आने से सबकी मुरादें पूरी हो जाती हैं। 1931 में अंग्रेजों द्वारा स्थापित इस चर्च के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। मुरादें पूरी होने के कारण लोग यहां पर अक्सर आते हैं। ईसाई धर्म के अलावा दूसरे धर्म के लोग भी अपनी मनोकामनाएं लेकर इस चर्च में प्रार्थना करने को आते हैं। हर रविवार को यहां पर मीसा पूजा का आयोजन होता है। इसमें काफी लोग शामिल होते हैं। क्रिसमस को लेकर यूनियन चर्च को सजाने का काम चल रहा है। रंगीन लाइट और कागजों से चर्च की रौनक देखते बन रही है। फादर मसीह ने बताया कि 24 दिसंबर की रात में प्रभु यीशु का जन्मोत्सव आयोजित किया जाता है। इस मौके पर पांच सौ के लगभग लोग प्रार्थना करने को आते हैं। वहीं, 25 दिसंबर के दिन 15 हजार के लगभग लोग चर्च में दर्शन करने को आते हैं। क्रिसमस के मौके पर विशेष प्रार्थना आयोजित की जाती है। मीसा पूजा के दौरान पटना के अलावा दूसरे जिलों के भी लोग अपनी मुरादें लेकर आते हैं। 

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