बाहर से आए लोगों की कर रहे स्क्रीनिंग, गलियों में हो रहा ब्लीचिंग का छिड़काव

Malay, Last updated: Mon, 13th Apr 2020, 12:32 PM IST
एम्स, पटना के नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन के स्टूडेंट सेक्रेटरी डॉक्टर मनीष कुमार ने कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए मास्क पहनना जरूरी बताया। कहा कि घनी आबादी वाले इलाकों में भी सभी मास्क पहनें।...
corona virus in bihar

एम्स, पटना के नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन के स्टूडेंट सेक्रेटरी डॉक्टर मनीष कुमार ने कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए मास्क पहनना जरूरी बताया। कहा कि घनी आबादी वाले इलाकों में भी सभी मास्क पहनें। कपड़े से बने मास्क भी पहन सकते हैं। एन-95 मास्क सिर्फ कोरोना संदिग्धों या अन्य मरीजों से सीधा सम्पर्क में आने वाले डॉक्टर नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए जरूरी है। 

सामाजिक दूरी बनाए रखें। खाने से पहले और खाने के बाद साबुन से हाथों को अच्छी तरह साफ करें। चेहरे को छूने से बचें। दूसरे राज्य से आये हुए लोगों को क्वारंटाइन केंद्र में भेजें। खांसते या छींकते समय मुंह को रुमाल, गमछा या केहुनी से ढकें । अपने घर से बिल्कुल बाहर ना निकलें। बताया कि पटना एम्स के डॉक्टरों द्वारा फोन पर परामर्श दिया जा रहा है। इसके लिए दो नंबर 0612-2451923 और 8544423550 जारी किये गए हैं। इसपर 12 से 2 बजे तक विशषेज्ञ डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।

300 लोगों की स्क्रीनिंग की 
खगौल में  युवा डॉक्टर गौतम भारती लखनीबिगहा पंचायत स्थित द्वारिकापुरी कॉलोनी के लोगों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं। मेडिकेटेड साबुन व सैनिटाइजर और ओआरएस बांट रहे हैं। रविवार को डॉक्टर भारती ने अपनी टीम को लेकर  300 लोगों की स्क्रीनिंग की। मौके पर उनके साथ  गौरव कुमार,  विशाल कुमार चौधरी, छोटू पासवान, दीपक कुमार, सौरव पासवान, राकेश कुमार, मुन्ना यादव, पप्पू प्रसाद मौजूद थे।

चिकित्सक की मौजूदगी में एएनएम कर रही हैं जांच 
धनरुआ। धनरुआ प्रखंड की पभेड़ा स्थित उच्च विद्यालय में स्थापित क्वारंटाइन सेन्टर पर रविवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच करने के तौर तरीके को देख मौके पर मौजूद लोगों ने सवाल खड़ा किया। हालांकि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विभा रानी ने इससे इनकार करते हुए जांच को सही बताया। दरअसर, रविवार की सुबह पभेड़ा स्थित क्वारंटाइन सेंटर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के आयुष चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार आलोक व दंत चिकित्सक डॉ. धर्मेन्द्र कुमार्र ंसह कुछ एएनएम के साथ पहुंचे थे। वहीं क्वारंटाइन सेंटर में लोगों की जांच दोनों चिकित्सक के रहते एएनएम द्वारा की गई।  

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