नोडल कोरोना सेंटर में पीड़ितों का इलाज सीनियर डॉक्टर ही करेंगे

Malay, Last updated: Sun, 29th Mar 2020, 11:53 AM IST
नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नोडल कोरोना सेंटर में अब कोरोना वायरस पीड़ितों के इलाज में केवल सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की ही तैनाती की जाएगी। वहीं अनुमंडलीय या जिला अस्पतालों से सीधे तौर पर ऐसे...
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नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नोडल कोरोना सेंटर में अब कोरोना वायरस पीड़ितों के इलाज में केवल सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की ही तैनाती की जाएगी। वहीं अनुमंडलीय या जिला अस्पतालों से सीधे तौर पर ऐसे मरीजों को यहां नहीं भेजा नहीं जाएगा। अस्पताल के नवनियुक्त अधीक्षक डॉ. निर्मल कुमार सिन्हा ने बताया कि इमरजेंसी से लेकर आइसोलेशन वार्ड तक ऐसे मरीजों की देखभाल सीनियर डॉक्टर ही करेंगे। हालांकि जूनियर डॉक्टर भी सीनियर डॉक्टर के साथ मौजूद  रहेंगे। इस संबंध में सभी  विभागाध्यक्षों को अपने-अपने विभाग से डॉक्टरों का रोस्टर बना कर मेडिसीन विभागाध्यक्ष डॉ. उमाशंकर प्रसाद के पास भेजने को कहा गया है। जिसकी कॉपी अधीक्षक कार्यालय समेत प्राचार्य के पास भी उपलब्ध रहेगी। इस दौरान डॉक्टरों को अपने-अपने विभाग के मरीजों की भी जिम्मेदारी उनके पास रहेगी। 

पहले होगी स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग के नए निर्देश पर अस्पताल के नोडल कोरोना सेंटर में मरीजों  की संख्या कम होने की संभावना है। नए निर्देश के अनुसार कोई भी जिला या अनुमंडलीय, सदर अस्पताल या फिर वैसे सभी अस्पताल जो सिविल सर्जन के क्षेत्राधिकार में हैं। सीधे मरीजों को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नहीं भेज सकेंगे। ये अस्पताल अपने यहां मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में रखकर उनका स्क्रीनिंग करेंगे। साथ ही मरीजों की मॉनीटरिंग भी करते रहेंगे। विशेष परिस्थितियों में जब उन्हें बेहतर चिकित्सा की जरूरत हो या  वहां आइसोलेशन वार्ड उपलब्ध नहीं हो। तभी वे मरीजों को रेफर कर सकते हैं।

44 संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया
नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल अस्पताल के नोडल कोरोना सेंटर में शनिवार को 44 संदिग्ध मरीजों को आइसोेलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। उनका सैम्पल जांच के लिए आरएमआरआई भेजा गया है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा आरएमआरआई में जांच के लिए भेजे गए 62 सैम्पलों में से 52 की जांच रिपोर्ट शनिवार को शाम में आई। जिसमें 51 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव है। शुक्रवार को शरनम् अस्पताल के कर्मी समेत अन्य 62 लोगों का सैम्पल जांच के लिए भेजा गया था। इधर, एनएमसीएच में भर्ती महिला का जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने से कोरोना वायरस पीड़ित मरीजों की संख्या छह हो गई है। पीड़िता भी शरनम् अस्पताल में ही कार्यरत है। इससे पहले अस्पताल के एक वार्ड व्यॉय की जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव पाया गया था। फिलहाल अस्पताल में 45 मरीजों का इलाज चल रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए अस्पताल के नवनियुक्त अधीक्षक डॉॅ. निर्मल कुमार सिन्हा ने  बताया कि खेमनीचक स्थित शरनम् अस्पताल के 45 कर्मियों का सैम्पल जांच के लिए आरएमआरआई भेजा गया था। जिसमें एक की रिपोर्ट पहले ही पॉजिटिव आ चुकी थी। नोडल पदाधिकारी  डॉ. अजय कुमार सिन्हा द्वारा निगेटिव पाए गए मरीजों का सभी प्रकार का जांच कर आवश्यक दवा व परामर्श देकर उन्हें घर पर आइसोलेशन के लिए भेजा गया है।

अस्पताल के इमरजेंसी से लेकर आइसोलेशन वार्ड तक कोरोना वायरस से पीड़ितों की देखभाल सीनियर डॉक्टर ही करेंगे। हालांकि जूनियर डॉक्टर भी सीनियर डॉक्टरों के साथ मौजूद  रहेंगे।
- डॉ. निर्मल कुमार सिन्हा, अधीक्षक एनएमसीएच

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