छात्र की मौत पर बवाल: बहन को स्कूल छोड़ने जा रहे भाई को बस ने रौंदा

Malay, Last updated: 05/12/2019 11:01 AM IST
फुलवारीशरीफ के खलीलपुरा निवासी कलामउद्दीन का जवान बेटा एजाजउद्दीन (17) रफ्तार की भेंट चढ़ गया। हमेशा की तरह बुधवार सुबह करीब सवा सात बजे उनकी बेटी सीमा परवीन डीपीएस स्कूल के लिए घर से निकली। परंतु...
फुलवारी में छात्र की मौत के बाद सड़क पर आगजनी।

फुलवारीशरीफ के खलीलपुरा निवासी कलामउद्दीन का जवान बेटा एजाजउद्दीन (17) रफ्तार की भेंट चढ़ गया। हमेशा की तरह बुधवार सुबह करीब सवा सात बजे उनकी बेटी सीमा परवीन डीपीएस स्कूल के लिए घर से निकली। परंतु इससे पहले ही स्कूल बस निकल गई। अब उसे स्कूल तक पहुंचाने के लिए बड़े भाई एजाजउद्दीन ने बाइक निकाल ली। भाई-बहन एफसीआई मोड़ पर ही पहुंचे थे कि तेज रफ्तार निजी स्कूल की बस ने दोनों को टक्कर मार दी। एजाजउद्दीन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और सीमा गंभीर रूप से घायल हो गई। सीमा डीपीएस में कक्षा नौ की छात्रा है, जबकि एजाजुद्दीन बिहारशरीफ में इंटरमीडिएट का छात्र था। 

इस घटना ने एक बार फिर बेलगाम रफ्तार की पोल खोल कर रख दी है। इससे वहां के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क पर आगजनी करते हुए लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की। आसपास की दुकानों के सामने खड़े ठेलों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।  इस दौरान दानापुर स्टेशन, एम्स, अपने-अपने दफ्तर जाने वाले लोग काफी संख्या में विभिन्न मार्गों पर जाम में फंसे रहे।

काश! हेलमेट पहना होता
क्षेत्र के लोगों को कहना है कि घटना में बस का पहिया एजाजउद्दीन के सिर पर चढ़ गया। बस की रफ्तार भी काफी तेज थी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो उसने हेलमेट भी नहीं पहना था। दुर्घटना के बाद का दृश्य देख लोग सिहर गए। हादसे में सीमा परवीन बाल-बाल बच गई। दरअसल, अतिक्रमण के कारण सड़कें आधी हो गई हैं। इसकी वजह से वाहनों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बच पाती और गति भी तेज होती है।

रफ्तार पर लगाम नहीं
वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने में यातायात पुलिस पूरी तरह से फेल है। जिस क्षेत्र में घटना हुई है, वहां की सड़क आए दिन खून से लाल होती रहती है। कई बार इसको लेकर लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसे में घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। पूर्व में व्यवस्था बनी थी कि स्कूली वाहनों में रफ्तार पर लगाम कसी जाएगी। परंतु सब कागजों में ही रह गया। स्कूली वाहनों पर किसी तरह की लगाम ही नहीं है।

पुरानी घटनाओं से सबक नहीं सड़कें हो रही हैं खून से लाल
=बोरिंग रोड में दो साल पूर्व स्कूटी सवार छात्रा की मौत के बाद डीएम ने दिए थे कई निर्देश 
=किसी भी निर्देश का नहीं हो रहा है पालन अफसरों के पास जांच का समय ही नहीं 
=दो साल के अंदर पटना में स्कूल वाहनों से दर्जनभर से अधिक हुई हैं घटनाएं  
=फर्राटा भरते स्कूल वाहनों को लेकर न तो पुलिस गंभीर है और ना ही परिवहन विभाग 

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