समर्थक नारे लगाने में थे मस्त पीछे से उनकी कटती रही जेब

Malay, Last updated: 29/11/2019 12:58 AM IST
लोजपा के स्थापना दिवस पर नेताओं के साथ बापू सभागार में पॉकेटमार भी घूम रहे थे। नेता जयकारा लगाने में व्यस्त हुए तो पॉकेटमार जेब साफ करना शुरू कर दिए। एक-एक कर आधा दर्जन से अधिक नेताओं की जेब हल्की...
लोजपा के स्थापना दिवस पर बापू सभागर में जुटी भीड़।

लोजपा के स्थापना दिवस पर नेताओं के साथ बापू सभागार में पॉकेटमार भी घूम रहे थे। नेता जयकारा लगाने में व्यस्त हुए तो पॉकेटमार जेब साफ करना शुरू कर दिए। एक-एक कर आधा दर्जन से अधिक नेताओं की जेब हल्की करने वाले पॉकेटमार पचास हजार से अधिक का माल उड़ा लिए। किसी का मोबाइल तो किसी के रुपए पर हाथ साफ हो गया। जेब पर हाथ जाते ही नेताओं के होश उड़ गए। वह भीड़ में चोरों की तलाश करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई तो एक पॉकेटमार हाथ लग गया। पुलिस पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य चोरों तक पहुंचने का काफी प्रयास की, लेकिन वह मुंह नहीं खोला। पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है। 

साफ-सुथरे कपड़े में घूम रहे थे चोर 
पॉकेटमार नेताओं की भीड़ में पकड़े नहीं जाने के डर से साफ सुथरे कपड़े पहनकर घूम रहे थे। भीड़ में कोई उन्हें पहचान ही नहीं पाया। पुलिस ने जिसे पकड़ा है, वह भी चोर नहीं लगा। पकड़ने में पुलिस को दिक्कत हो रही थी, लेकिन लोगों के सहयोग से उन्हें रंगे हाथ पकड़ा गया। पुलिस सूत्रों की मानें तो पकड़ने के बाद भी वह कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस पूछ कर थक गई, लेकिन पकड़ा गया युवक कुछ नहीं बताया। बाद में उसे गांधी मैदान थाना लाया गया, वहां भी कोई राज नहीं उगला। 

मनोज ने दर्ज कराया मुकदमा 
आरा के पीरो थाना क्षेत्र के निवासी मनोज ने गांधी मैदान थाने की पुलिस को लिखित आवेदन देकर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस को बताया कि पॉकेटमारों का गैंग कार्यक्रम में घूम रहा था। इस दौरान कई लोगों की जेब काट ली। एक नेता का 30 हजार से अधिक की जेब काट ली है। मनोज ने कहा है कि आधा दर्जन से अधिक लोगों की जेब से नगदी व सामान चोरी हुए हंै। 

जेब काटते ही पैसा लेकर उड़ जाता है साथी 
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पॉकेटमारों के गैंग में कई युवक-युवतियां होती हैं। पॉकेटमार जेब काटने के बाद पैसा या मोबाइल अपने पास नहीं रखता है। उसके साथ लड़के लगे रहते हैं और वह पैसा उसे पकड़ा देता है। पॉकेटमारों का पूरा चैनल काम करता है, जो एक से दूसरे को और दूसरे से तीसरे के माध्यम से पैसा घटना स्थल से बहुत दूर कर देता है। ऐसे में जब पॉकेटमारने वाले को पकड़ा जाता है तो उसके पास से न तो पैसा मिलता है और न ही सामान।   

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