चलती कार में ट्रिपल मर्डर: पत्नी-साली को गोली मारकर फौजी ने खुद को उड़ाया

Malay, Last updated: 02/12/2019 02:07 AM IST
आरा से पटना एक कार तेजी से चली आ रही थी। सैदाबाद गांव के पास अचानक कार के अंदर गोलियों की तड़तड़ाहट हुई। कार थोड़ी दूरी पर आकर खड़ी हो गई। पीछे वाली सीट पर दो महिलाएं मरी पड़ी थीं। आगे की सीट पर दो बच्चे...
मृतक दामिनी, विष्णु और डिम्पल।

आरा से पटना एक कार तेजी से चली आ रही थी। सैदाबाद गांव के पास अचानक कार के अंदर गोलियों की तड़तड़ाहट हुई। कार थोड़ी दूरी पर आकर खड़ी हो गई। पीछे वाली सीट पर दो महिलाएं मरी पड़ी थीं। आगे की सीट पर दो बच्चे दुबके हुए थे। ड्राइवर सन्न होकर बैठा हुआ था। पीछे की ही सीट पर बैठे पुरुष के हाथ में पिस्टल थी, भीड़ देख उसने खुद को भी गोली मार ली। 
पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि मारने वाला सेना का जवान विष्णु शर्मा है। मरने वाली उसकी पत्नी दामिनी शर्माऔर साली डिम्पल शर्मा हैं। सहमे हुए बच्चे उसके बेटे विराट और वैभव हैं। 

बच्चों ने बताया कि पापा को बहुत तेज गुस्सा आया और उन्होंने पहले मौसी पर गोलियां चला दीं। बाद में मम्मी को भी मार डाला। ड्राइवर मिथिलेश ठाकुर ने बताया कि जैसे ही मैंने गाड़ी खड़ी की तो वह हमें भी मारने वाले थे, लेकिन इतनी देर में कई लोग कार के पास आ गए। वे शायद भीड़ देखकर घबरा गए और खुद को गोली से उड़ा लिया। मौके पर पहुंची रानीतालाब थाने की पुलिस का कहना है कि ड्राइवर मिथिलेश, विष्णु का रिश्तेदार भी है। 

एक मैगजीन खत्म तो दूसरी लोड की 
विष्णु ने अपनी 7.6 एमएम की लाइसेंसी पिस्टल से पहले साली और फिर पत्नी पर तड़ातड़ गोलियां बरसाईं। वह इतने गुस्से में था कि एक मैगजीन खत्म हो गई तो दूसरी लोडकर फायरिंग करने लगा। खुद को गोली मारने के बाद पिस्टल में सिर्फ चार गोलियां बचीं थीं। गाड़ी धुआं-धुआं हो गई थी और गोलियों से निकले बारूद की तेज गंध आ रही थी। 

साली की शादी में आया था छुट्टी पर
विष्णु 22 नवंबर को साली की शादी के लिए छुट्टी लेकर घर आया था। साली ससुराल गई, लेकिन पटना में बीएड की परीक्षा के कारण फिर मायके आ गई। विष्णु को डेंगू के बाद पटना में इलाज कराना था। इस कारण ससुराल से वह साली व पत्नी बच्चों के साथ पटना के लिए निकला था। 

अपने गुस्से के चलते चार बार जा चुका था जेल 
विष्णु को जानने वालों ने बताया कि वह बहुत ही गुस्से वाला था। वह छोटी-छोटी सी बात पर मारपीट को तैयार हो जाता था। पुलिस का कहना है कि उसका गुस्सा इतना तेज था कि मारपीट के समय अपनी नौकरी और परिवार के बारे में भी नहीं सोचता था। यही वजह है कि वह नौकरी में आने के बाद चार बार जेल जा चुका था। ऐसे में सवाल यह है कि जेल में मामला चलने के बावजूद वह फौज में नौकरी कैसे कर रहा था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फौज में उसका व्यवहार लोगों के साथ कैसा था। उसका सर्विस रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।

जांच के लिए पटना की फोरेंसिक टीम ने नमूना लिया है। पुलिस घटना की तह तक पहुंचने के लिए हर स्तर से छानबीन कर रही है। पिस्टल मैगजीन के साथ कार से अन्य कई सामान भी बरामद किए गए हैं, जिसकी जांच चल रही है। 
- मनोज पांडेय, एसडीपीओ, पालीगंज 

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