पटना में आवारा कुत्तों से बचके

Malay, Last updated: Sat, 18th May 2019, 9:17 AM IST
पटना में अगर आप रात में घर से निकल रहे हैं तो सावधान रहें। कहीं भी आप आवारा कुत्तों के शिकार हो सकते हैं। कंकड़बाग, मलाही पकड़ी, एजी कॉलोनी, करबिगहिया, चिरैयाटांड़ पुल, हनुमान नगर, पटना सिटी, राजेंद्र...
अनीसाबाद में आवारा कुत्तों का झुंड।

पटना में अगर आप रात में घर से निकल रहे हैं तो सावधान रहें। कहीं भी आप आवारा कुत्तों के शिकार हो सकते हैं। कंकड़बाग, मलाही पकड़ी, एजी कॉलोनी, करबिगहिया, चिरैयाटांड़ पुल, हनुमान नगर, पटना सिटी, राजेंद्र नगर पुल के आसपास का इलाका हो या किदवईपुरी, गर्दनीबाग, कदमकुआं या शिवपुरी, आवारा कुत्तों के खौफ से कोई अछूता नहीं है। कुत्तों के हमले से बचने की हड़बड़ाहट में वाहन चालकों के हाथ-पैर भी टूट रहे हैं। कई बार तो जान पर बन आती है। दहशत का आलम यह है कि देर रात चलने वाले कई बाइक व साइकिल सवार अब अपने पास डंडा तक रखने लगे हैं। कुत्तों का डर इतना है कि सुबह सूरज उगने के बाद ही लोग टहलने निकलते हैं। 

सोये हैं जिम्मेदार
बिहार में इन आवारा कुत्तों की आबादी पर नियंत्रण और देखभाल की जिम्मेदारी पटना नगर निगम की है, लेकिन विभाग इस मामले में निष्क्रिय है। पिछले वर्ष यानी 2018 में राज्य में लगभग चार लाख लोग कुत्तों का शिकार बने थे। अकेले पटना में ही हर माह 1500 से अधिक लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बूढ़े-बीमार कुत्ते चिड़चिड़े हो जाते हैं। ये दौड़ाते हैं और काट भी लेते हैं। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सालाना 20,000 लोग रैबीज से मर रहे हैं।

बचाव के उपाय 
कुत्तों का झुंड देखें तो वाहन की गति धीमी कर दें
कुत्ते दौड़ाएं तो भागे नहीं, खड़े हो जाएं और आसपास पड़ी किसी वस्तु से उन्हें भगाने की कोशिश करें
घर के आसपास कचरे का ढेर नहीं लगने दें 

बेटी के पैर में काट लिया
सुबह का समय था। बच्चों को स्कूल बस तक छोड़ने जा रहा था। रास्ते में कुत्तों ने घेर लिया। पास में पड़ी ईंट से उन्हें भगाने की कोशिश करने लगा, तभी एक कुत्ते ने बेटी को पैर में काट लिया। आसपास के कई लोग जुट गए और कुत्तों को किसी तरह भगाया। बेटी को अस्पताल ले गया। मरहम पट्टी करायी और एंटी रैबीज का टीका लगवाया। अब वह हमेशा डरती रहती है।
-राजेश सिन्हा, गर्दनीबाग 

बाइक से गिरा,कलाई की हड्डी टूटी 
रात को ड्यूटी खत्म कर ऑफिस से घर जा रहा था। मैं बाइक से था। कंकड़बाग ऑटो स्टैंड के पास अचानक चार-पांच कुत्ते अलग-अलग दिशा से मुझ पर झपट पड़े। हड़बड़ाहट में मेरा संतुलन बिगड़ गया और छिटककर दूर जा गिरा। कंधा, दाएं हाथ की कलाई और पैर में गंभीर चोट लगी। किसी तरह उठकर घर वालों को फोन किया तो वह मुझे अस्पताल ले गए। डॉक्टर को दिखाया तो हड्डी टूटने का पता चला। फिर प्लास्टर हुआ। एक माह तक दफ्तर नहीं जा पाया। अब रात में ऑटो स्टैंड के पास जाने में डर लगता है।  
-अभय कुमार, कंकड़बाग  

क्या करें जिम्मेदार 
आवारा कुत्तों की नसबंदी संग टीकाकरण कराएं 
हर शहर में एक कंट्रोल रूम हो,ताकि आवारा कुत्तों से संबंधित जानकारी दी जा सके
कंट्रोल रूम में सूचना देने पर तुरंत कार्रवाई हो और प्रभावितों को मदद मिले
अस्पतालों में एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराएं ताकि पीड़ितों को इलाज मिलने में देरी न हो।
 

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