... ताकि बदलते मौसम में न हो वायरल इंफेक्शन

Malay, Last updated: 18/02/2020 02:59 PM IST
मौसम बदल रहा है। सर्दी जहां जाने की तैयारी में लगी है, वहीं गर्मी अपने आने की आहट दे रही है। इस बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम जैसे वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ घरेलु उपाय अपनाकर इस...
प्रतीकात्मक तस्वीर

मौसम बदल रहा है। सर्दी जहां जाने की तैयारी में लगी है, वहीं गर्मी अपने आने की आहट दे रही है। इस बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम जैसे वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ घरेलु उपाय अपनाकर इस खतरे से खुद को सुरक्षित रहा जा सकता है।

सर्दी जा रही है और गर्मी ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। आजकल दोपहर की अपेक्षा सुबह और शाम को ज्यादा ठंड रहती है। मौसम के ऐसे ही बदलाव के दौरान वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। वायरल इंफेक्शन के कारण सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, शरीर में दर्द, नाक बहने जैसी कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं। वायरल इंफेक्शन संक्रामक होता है, इसलिए ये एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैलता है। मगर जिन लोगों की इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) अच्छी होती है, उन पर वायरल इंफेक्शन का असर नहीं होता है। अगर आप भी वायरल इंफेक्शन की चपेट में आ गए हैं, तो हम आपको बता रहे हैं कुछ खास आयुर्वेदिक नुस्खे, जिनके प्रयोग से आप की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और इंफेक्शन से छुटकारा मिलेगा।

तुलसी का काढ़ा
तुलसी को हजारों सालों से आयुर्वेदिक औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है। तुलसी की पत्तियों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं। इसलिए ये वायरस और बैक्टीरिया के आक्रमण से शरीर की रक्षा करती है। अगर आप वायरल इंफेक्शन से पीड़ित हैं, तो सुबह खाली पेट तुलसी की 4-5 पत्तियों को अच्छी तरह धोकर कच्चा चबाएं। इसके अलावा खांसी-जुकाम और बुखार होने पर दिन में 2-3 बार तुलसी का काढ़ा बनाकर पिएं। काढ़ा बनाने के लिए एक ग्लास पानी में 7-8 तुलसी की पत्तियां, 2 लौंग और थोड़ी सी अदरक डालें और 7-8 मिनट तक पकाएं। इसके बाद छानकर पी लें।

हल्दी वाला दूध
हल्दी में भी एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। हल्दी में मौजूद खास एंटीऑक्सीडेंट कक्र्युमिन शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है। वायरल होने पर आप रात में सोते समय एक ग्लास गुनगुने दूध में आधा चम्मच हल्दी घोलकर पी सकते हैं। आप चाहें तो 1 चम्मच शहद में 4 चुटकी हल्दी मिलाकर पेस्ट की तरह चाट सकते हैं। इससे भी खांसी, जुकाम में जल्दी राहत मिलती है। इसके अलावा आप चाहें तो हल्दी की चाय भी पी सकते हैं। अगर आपको ताजी हल्दी मिल जाए तो इसे पानी में पकाकर इसकी चाय पिएं। ताजी हल्दी में और अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, इसलिए ये ज्यादा फायदेमंद होती है।

अदरक का पानी पिएं
आयुर्वेद के अनुसार वायरल इंफेक्शन का कारण शरीर में होने वाला कफ दोष है। यही कारण है कि इस इंफेक्शन के होने पर कई बार छाती में कफ जमा हो जाता है और नाक बहने लगती है। शरीर में हुए इस कफ दोष को दूर करने के लिए आप अदरक का पानी पी सकते हैं। अदरक में भी एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं इसलिए ये गले की खराश, बुखार के इंफेक्शन को खत्म करता है और आपको राहत दिलाता है। अदरक का पानी बनाने के लिए अदरक के छोटे टुकड़े को धोकर, छीलकर कूट लें और इसे एक ग्लास पानी में 6-7 मिनट तक पकाने के बाद पानी को छानकर गुनगुना ही पी लें। इससे आपको जल्दी आराम मिलेगा।

काली मिर्च और दाल चीनी का काढ़ा
भारतीय मसालों में कमाल के आयुर्वेदिक गुण होते हैं। वायरल इंफेक्शन, जुकाम, खांसी और बुखार जैसी समस्याओं में आप काली मिर्च और दाल चीनी का काढ़ा भी पी सकते हैं। इसे बनाने के लिए एक ग्लास पानी में 4-5 दाने कालीमिर्च को कूटकर डालें और एक छोटा टुकड़ा दालचीनी या आधा चम्मच पाउडर डालें। इसे धीमी आंच पर 10 मिनट तक पकने दें। इसके बाद इसे छानकर इसमें 1 चम्मच ऑर्गेनिक शहद मिलाएं और घोलकर पिएं। इससे आपको वायरल के दौरान होने वाली समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। 

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