बिहार सरकार पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, शराबबंदी मामलों के कारण बाकी केस एक साल तक लेट

Haimendra Singh, Last updated: Wed, 12th Jan 2022, 1:40 PM IST
  • सुप्रीम कोर्ट ने शराबबंदी मामलों में बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि इन मामलों(शराबबंदी) के कारण पटना हाईकोर्ट में बाकी मामलों में एक साल की देरी हो रही है. बुधवार को सर्वोच्च अदालत ने राज्य सरकार की एक साथ 40 अपीलों को खारिज कर दिया.
शराबबंदी के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार.( फाइल फोटो )

पटना. शराबबंदी के आरोपियों की जमानत खारिज कराने सर्वोच्च न्यायलय(Supreme Court) पहुंची बिहार सरकार(Bihar Government) को अदालत ने कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा है कि शराबबंदी के मामलों के कारण पटना हाईकोर्ट का कामकाज प्रभावित हुआ है जिससे अदालत किसी मामले को लिस्ट करने में 1 साल का समय ले रही है. अदालत ने कहा है कि पटना हाईकोर्ट के 14-15 जज सिर्फ शराबबंदी के मामलों की सुनवाई करते हैं. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण ने राज्य सरकार की 40 अपीलों को एक साथ ठुकरा दिया है. 

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एन वी रमण के नेतृत्व वाली पीठ ने बिहार सरकार की अपीलों को खारिज करते हुए कहा, कि "इन केसों ने अदालतों का दम घोट रखा है, बिहार की सभी अदालतें शराबबंदी मामलों से ही घिरी हैं. इसकी वजह से किसी मामले पर सुनवाई नहीं हो पा रही. वहीं बिहार सरकार की ओर से अदालत के सामने पेश हुए अधिवक्ता मनीष कुमार ने कहा कि शिकायत यह है कि उच्च न्यायालय ने कानून के गंभीर उल्लंघन में शामिल आरोपियों को बिना कारण बताए जमानत दे दी है. जबकि शराबबंदी कानून में कानून में इस गंभीर अपराधों के लिए 10 साल की जेल से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान किया है.

बिहार सरकार पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, 15 हाईकोर्ट जज रोज शराबबंदी केस में जमानत सुनते हैं

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण ने अधिवक्ता की बात का जवाब देते हुए कहा, कि आपके हिसाब से हमें सिर्फ इसलिए इन्हें जमानत नहीं देनी चाहिए, क्योंकि आपने कानून बना दिया है. अदालत ने हत्या पर भारतीय दंड संहिता के प्रावधान का हवाला दिया और कहा कि जमानत और कभी-कभी, इन मामलों में अदालतों द्वारा अग्रिम जमानत भी दी जाती है.

2021 में बिहार में शराबबंदी के मामलें

एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 में बिहार में 66 हजार 258 शराबबंदी कानून के उल्लंघन के मामले सामने आए है. वहीं पिछले एक साल में 45 लाख 37 हजार 81 लीटर शराब बरामद हुई है. जिसमें सबसे ज्यादा मामले वैशाली, पटना औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, मधुबनी से सामने आए हैं.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें