पटना कलेक्ट्रेट तोड़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, हाईकोर्ट से मिली थी अनुमति

Smart News Team, Last updated: 19/09/2020 08:31 AM IST
  • पटना कलेक्ट्रेट के पुराने भवन को तोड़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. हाईकोर्ट से पुराने भवन को तोड़कर नया भवन बनाने के लिए अनुमति मिल गई थी. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है और यथास्थिति बरकरार रखने को कहा है. 
पटना कलेक्ट्रेट के पुराने भवन को तोड़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है.

पटना. सुप्रीम कोर्ट ने पटना कलेक्ट्रेट के पुराने भवन को तोड़ने पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है कि जब तक यह मामला कोर्ट में पुरानी कलेक्ट्रेट इमारत यथास्थिति बनी रहेगी. बता दें कि बिहार सरकार ने पटना के पुराने कलेक्ट्रेट भवन जिसे अफीम का भंडार भी कहा जाता है को तोड़कर नया कलेक्ट्रेट भवन बनाने का प्रस्ताव पारित किया था. 1 सितंबर को पुराने भवन को तोड़कर नया भवन बनाने के लिए हाईकोर्ट से अनुमति भी मिल गई थी. पिछले दिनों बिहार सीएम नीतीश कुमार के हाथों नए कलेक्ट्रेट बिल्डिंग का शिलान्यास भी हो गया था. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है और यथास्थिति बरकरार रखने को कहा है.

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इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है. जिसमें याचिकाकर्ता द्वारा पुराने कलेक्ट्रेट भवन को ऐतिहासिक महत्व की इमारत बताई गई थी. इस मामले में हाईकोर्ट ने सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए पुराने भवन को तोड़ कर नई इमारत के निर्माण की अनुमति दे दी थी. अब इस फैसले के खिलाफ याजिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है और कहा है कि पुराना कलेक्ट्रेट भवन प्रचीन स्मारक है जिसका ऐतिहासिक महत्व और प्रतिष्ठा हैं. 

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गौरतलब है कि याचिकाकर्ता ने इस इमारत की महत्ता बताते हुए हाईकोर्ट में कहा था कि यह 200 साल पुरानी इमारत है जिसे 18वीं शताब्दी में डच व्यापारियों ने बनवाया था. इसी आधार पर इसे नहीं तोड़ने की मांग की गई थी. लेकिन पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इस इमारत को तोड़ते समय कुछ सावधानी बरतने के दिशा निर्देश देते हुए नया कलेक्ट्रेट भवन बनाने की इजाजत दे दी थी. अब उस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है.

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