सुशील मोदी ने पूछा- 15 साल के भकचोंधर राज का हिसाब दें लालू यादव

Deepakshi Sharma, Last updated: Wed, 27th Oct 2021, 6:22 PM IST
  • बीजेपी नेता सुशील मोदी ने आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव से उनके कार्यकाल में सड़कों, अस्पतालों और बाकी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए हैं. सुशील मोदी ने नीतीश सरकार के विकास पर सवाल उठाने से पहले लालू अपने भकचोंधर राज का हिसाब दें.
सुशील कुमार मोदी ने उठाए लालू यादव पर कई सवाल

पटना. राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव अपने बयानों की वजह से चर्चा में बने हुए हैं. लालू प्रसाद यादव अपने द्वारा बिहार के कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास को लेकर बोले गए विवादित शब्दों को लेकर इस वक्त सुर्खियों में हैं. लालू प्रसाद यादव द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों को ध्यान में रखते हुए बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राज्यसभा के सदस्य सुशील कुमार मोदी ने लालू पर जमकर तंज कसा है. सुशील मोदी ने मंगलवार के दिन ट्वीट करते हुए लाल प्रसाद यादव की सरकार जब सत्ता में थी उस वक्त की सड़कों, अस्पतालों और बाकी की व्यव्स्थाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं.

पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा-सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को ट्वीट कर लिखा, “लालू प्रसाद बताएं कि उनके राज में सड़कें जर्जर क्यों थीं और विकास ठप क्यों था? उनके मंत्री क्या 'भकचोंधर' थे कि कोई बिना सड़क बनवाए अलकतरा घोटाला कर खजाना लूट रहा था, तो कोई बीएड डिग्री घोटाला कर रहा था? आरजेडी बताए कि उसके समय सरकारी अस्पतालों में गरीबों को डॉक्टर-दवाई क्यों नहीं मिलते थे और मरीज के बेड पर कुत्ते क्यों सोते थे?”

Aadhaar Card OTP: ओटीपी नहीं आ रहा तो ऐसे चेक करें आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल

सुशील कुमार मोदी इतने में भी नहीं रुके उन्होंने ट्वीट में आगे लिखा कि राजद बताये कि उसके समय सरकारी अस्पतालों में गरीबों को डाक्टर-दवाई क्यों नहीं मिलते थे और मरीज के बेड पर कुत्ते क्यों सोते थे? लालू-राबड़ी सरकार कितने मेडिकल कालेज, प्रबंधन संस्थान खोलवा पायी और कितने डाक्टरों-नर्सों को नौकरी मिली? साथ ही उन्होंने ये भी लिखा कि जिनके राज में शहरों को पूरी बिजली नहीं मिलती थी, गांव लालटेन-ढिबरी युग के अँधेरे में डूबे थे और अपराधियों के डर से बाजार शाम के बाद बंद होते थे, उन्हें एनडीए सरकार के विकास पर सवाल उठाने से पहले अपने चौपट भकचोंधर राज का हिसाब देना चाहिए.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें