अब टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेजों में भी होंगे 4 साल के इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स

Somya Sri, Last updated: Thu, 28th Oct 2021, 9:55 AM IST
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के तहत अब देश के सभी टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेजों में 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम होंगे. साल 2030 तक सभी बीएड कॉलेजों में ये पाठ्यक्रम पायलट मोड यानी इंटीग्रेटेड मोड में शुरू करना होगा. बिहार में केवल 6 संस्थान ही बीएड कोर्स इंटीग्रेटेड मोड में संचालित कर रही है. इंटीग्रेटेड कोर्स आ जाने से अभ्यर्थियों को 4 वर्ष में ही स्नातक के साथ-साथ बीएड करने का मौका मिलेगा. जिससे उनका 1 साल बचेगा.
अब टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेजों में भी होंगे 4 साल के इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स (प्रतिकात्मक फोटो)

पटना: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के तहत अब देश के सभी टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेजों में 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम होंगे. हालांकि फिलहाल देश के कुछ चुनिंदा टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में ही बीएड की पढ़ाई पायलट मोड में शुरू की जाएगी. लेकिन साल 2030 तक सभी बीएड कॉलेजों में ये पाठ्यक्रम पायलट मोड यानी इंटीग्रेटेड मोड में शुरू करना होगा. बता दें कि बिहार में केवल 6 संस्थान ही बीएड कोर्स इंटीग्रेटेड मोड में संचालित कर रही है.

वहीं 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम की वजह से अब ट्रेनिंग कॉलेज मनमाने तरीके से नामांकन शुल्क नहीं वसूल कर पाएंगे. साथ ही सौ छात्रों के लिए एक विभाग अध्यक्ष और 15 सहायक अध्यापक की जरूरत होगी. शिक्षाशास्त्र के प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर ही अब अपने पाठ्यक्रम संचालन करने वाले ट्रेनिंग कॉलेज के विभाग अध्यक्ष बन सकेंगे. एनसीटीई के विजिटिंग सदस्य और पटना यूनिवर्सिटी के सीनेट सदस्य डॉ कुमार संजीव ने कहा कि अब ऐसे छात्र-छात्राएं इस पाठ्यक्रम में दाखिला लेंगे जो स्कूली शिक्षक के रूप में करियर अपनाने की सोच रहे हो. यानी इस पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद वे पेशेवर शिक्षक बन सकेंगे.

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बता दें कि 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम में एडमिशन प्रवेश परीक्षा के तहत होगा. प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित होगा. इंटीग्रेटेड कोर्स आ जाने से अभ्यर्थियों को 4 वर्ष में ही स्नातक के साथ-साथ बीएड करने का मौका मिलेगा. जिससे उनका 1 साल बचेगा.

जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के नए प्रावधानों के तहत अब तीन अंशकालिक प्राध्यापकों की भी नियुक्ति होगी. बताया जा रहा है कि ऐसा पहली बार होने जा रहा है. कैरियर मार्गदर्शन और परामर्श के प्राध्यापक की नियुक्ति का प्रावधान पहली बार बनाया गया है. साथ ही कला शिक्षा और स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा की एक-एक अंशकालिक प्राध्यापक नियुक्त किए जाएंगे.

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