आरा बाल पर्यवेक्षण गृह में किशोर ने लगाई फांसी, घटना के बाद 10 बाल कैदी फरार

Uttam Kumar, Last updated: Sat, 16th Oct 2021, 10:34 AM IST
आरा बाल पर्यवेक्षण गृह में एक बच्‍चे ने शुक्रवार की देर शाम बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की जानकारी मिलते ही बाल पर्यवेक्षण गृह में अफरातफरी मच गया. इसी बीच दस अन्य बाल कैदी पर्यवेक्षण गृह के मेन गेट तोड़कर  फरार हो गए. 
 आरा बाल पर्यवेक्षण गृह में एक बच्‍चे ने शु फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.प्रतिकात्मक फोटो.

पटना. आरा बाल पर्यवेक्षण गृह में एक बच्‍चे ने शुक्रवार की देर शाम बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की जानकारी मिलते ही बाल पर्यवेक्षण गृह में अफरातफरी मच गया. इसी बीच दस अन्य बाल कैदी पर्यवेक्षण गृह से फरार हो गए. मृत किशोर बक्‍सर जिले का रहने वाला है. उसे मुहल्ले की लड़की को भगाने के आरोप में दोषी पाए जाने पर छह अकटूबर को बाल गृह में लाया गया था. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस के बड़े अधिकारी भी अस्‍पताल पहुंचे. 

बाल पर्यवेक्षण गृह के प्रभारी अधीक्षक रविशंकर वर्मा के अनुसार बाल पयर्वेक्षण गृह में कुल 87 बच्‍चे थे. इनमें 14 बच्‍चे को क्‍वारंटाइन कक्ष में रखा गया था. बक्सर निवासी किशोर को भी क्‍वारंटाइन कक्ष में रखा गया था. उन्होंने बताया कि बक्‍सर का किशोर प्रेम प्रसंग के मामले में किशोरी के अपहरण के मामले में छह अक्टूबर को लाया गया था. शुक्रवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे प्रति दिन की तरह बाल गृह माता रेखा देवी ने सभी बच्‍चों को खाना दिया. 

खाना खाने के बाद मृतक किशोर ने बाथरूम में जाकर दरवाजा बंद कर लिया. उसके बाद उसने गमछे के सहारे फांसी लगा ली. काफी समय बीत जाने के बाद जब बाथरूम का दरवाजा नहीं खुला तो अन्य बाल कैदियों ने शोर मचाना शुरू किया. जिसके बाद बाथरूम का गेट तोड़कर बच्‍चे को फंदे से उतार कर आरा सदर अस्‍पताल में भर्ती कराया गया. जहां डाक्‍टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. अभी तक की जानकरी के अनुसार किशोर की मौत अस्‍पताल ले जाने के दौरान रास्‍ते में हुई. 

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प्रभारी अधीक्षक रवि शंकर वर्मा ने बताया कि बाल गृह में आने के बाद उसने एक बार पहले भी फिनाइल पी कर जान देने की कोशिश की थी. फिनाइल पीने के बाद किशोर की हालत बिगड़ गई थी. उससे अस्पताल में भर्ती करवाना पडा था तब जाकर जान बच्ची थी. इस घटना के कारण  पर्यवेक्षण गृह में अफरातफरी की स्थिति हो गई. इसी बीच बाल पर्यवेक्षण गृह से 10 के संख्या में बच्‍चे पर्यवेक्षण गृह के मेन गेट तोड़कर भाग निकले. प्रशासन बाल पर्यवेक्षण गृह से भागने वाले बच्‍चों की तलाश कर रही है. 

वहीं मृतक किशोर के बड़े भाई के अनुसार मृतक किशोर मुहल्‍ले की एक लड़की को लेकर दिल्ली भाग गया था. जिसके बाद लड़की के परिवार ने स्थानीय थाना में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी. पुलिस के दबाव के कारण परिवार वालों ने दोनों लड़का-लड़की को दिल्ली से पकड़ कर लाया गया था. जीके बाद किशोर को स्थानीय थाना में ले जाकर पुलिस को सुपुर्द कर दिया था. पुलिस ने किशोर को आरा धनुपरा स्थित बाल परीक्षण गृह में जेल भेज दिया था. 

 

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