बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर तेजस्वी यादव ने RJD नेताओं संग की समीक्षा बैठक

Smart News Team, Last updated: Mon, 21st Dec 2020, 4:29 PM IST
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में प्रदेश के पार्टी कार्यालय में आरजेडी ने समीक्षा बैठक रखी थी. जिसमें बिहार विधानसभा के वे उम्मीदवार भी शामिल हुए जिन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
आरजेडी के पार्टी प्रदेश कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक 

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली पराजय पर सोमवार को आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में समीक्षा बैठक रखी गई. जहां, पार्टी विधायक, जिला अध्यक्ष और जिले इकाई के प्रधान महासचिव भी मौजूद रहें. इस दौरान तेजस्वी के निर्देश पर उन उम्मीदवारों को भी बुलाया गया था. जिन्हें गत विस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. 

इस बैठक में बिहर चुनाव परिणाम को लेकर चर्चा तो हुई. साथ ही देशव्यापी चल रहे किसान आंदोलन और कृषि कानूनों पर भी बात हुई. आपको बता दें कि बैठक के लिए पार्टी नेताओं से लिखित रुप में बिहार की कानून-व्यवस्था पर जवाब लाने के लिए कहा गया था.

वहीं, 21 दिसंबर को आयोजित बैठक में आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने बताया था कि तेजस्वी यादव के निर्देश पर इस बैठक को रखा गया. प्रवक्ता के मुताबिक, बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने की. साथ ही बैठक का संचालन आलोक मेहता ने किया. इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए. यह बैठक पार्टी के प्रदेश कार्यालय में 11 बजे से रखी गई थी.

बैठक में कोरोना को ध्यान में रखते हुए पार्टी नेताओं ने मास्क पहने

पटना: बिहार चुनाव रिजल्ट पर RJD की 21 दिसबंर को प्रदेश कार्यालय में समीक्षा बैठक

सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के वरिष्ठ नेता, स्वास्थ्य सह पथ निर्माण मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भी विपक्षी दलों ने अबतक कुछ सीख ग्रहण नहीं की. यही कारण है कि अबतक न तो उन्हें बिहार की तरक्की दिख रही और न ही यहां के लोगों की खुशहाली वे महसूस कर पा रहे हैं.

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बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में 243 सीटों पर आए नतीजों में 75 सीट आरजेडी, 74 सीट बीजेपी, जेडीयू को 43, कांग्रेस को 19, भाकपा माले को 12 और अन्य के खाते में 8 सीटें गईं थी. चुनाव आयोग की मानें तो जेडीयू 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन के उभरी थी. लेकिन, बहुमत ना होने के कारण सरकार बनाने में अस्मर्थ रही.

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एनडीए की ओर से सीएम पद के लिए नीतीश कुमार को चुनाव के पूर्व ही कैंडिडेट बना दिया गया था. जो इस पद पर चुनाव में आए नतीजों के बाद दोबारा सूबे के मुख्यमंत्री बनने में सफल रहें. लेकिन, नतीजों में बीजेपी को बड़ा भाई की भूमिका में ला दिया. जिसके चलते नीतीश सरकार में बीजेपी की ओर से भी दो उप-मुख्यमंत्री बनाए गए.

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