पटना: भारत बंद के समर्थन में आए भीम आर्मी के अमर आजाद गिरफ्तार

Smart News Team, Last updated: Fri, 25th Sep 2020, 2:55 PM IST
पटना के सुल्तानगंज थाने के पुलिसकर्मियों ने भारत बंद के समर्थन में आए द‌ ग्रेट भीम आर्मी के राष्ट्रीय संयोजक अमर आजाद को गिरफ्तार कर लिया. देश भर के किसान कृषि विधेयक-2020 को लेकर विरोध प्रर्दशन कर रहे हैं. जिसका समर्थन आरजेडी, कांग्रेस समेत लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने किया है. 
पटना: भारत बंद के समर्थन में आए भीम आर्मी के अमर आजाद गिरफ्तार

पटना. पटना के सुल्तानगंज थाने के पुलिसकर्मियों ने कृषि बिल के खिलाफ भारत बंद के समर्थन में आए द‌ ग्रेट भीम आर्मी के राष्ट्रीय संयोजक अमर आजाद को गिरफ्तार कर लिया. बता दें कि आज कृषि बिल के विरोध में कई राज्यों के किसान पूरे देश में प्रदर्शन कर रहे हैं. 

हाल ही में संसद से पास हुए कृषि से जुड़े तीन विधयकों के खिलाफ किसानों ने भारत बंद का एलान किया है. पंजाब और हरियाणा में तीन दिनों के रेल रोको आंदोलन की शुरुआत के अगले दिन यानी कि आज शुक्रवार से  इसकी शुरुआत हो चुकी है. 

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अखिल भारतीय किसान संघ , भारतीय किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान महासंघ और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने इस देशव्यापी बंद का ऐलान किया था.  इसका समर्थन ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस, नेशनल ट्रेड्स यूनियन कांग्रेस, सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन, हिंद मजदूर सभा, ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर और ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर समेत दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी किया है.

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किसानों के भारत बंद को बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी, अकाली दल, कांग्रेस, ,सपा, लेफ्ट पार्टियां, एनसीपी, डीएमके, बसपा, टीएमसी समेत लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने भारत बंद का समर्थन किया है. 

कृषि विधेयक क्या है- कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020-इसके तहत किसानों और व्यापारियों को मंडी से बाहर फ़सल बेचने की छूट होगी, राज्य में ही और दो राज्यों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना की बात है.

कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) क़ीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर क़रार विधेयक, 2020-इसमें कृषि  के करारों पर राष्ट्रीय फ्रेमवर्क की बात, कृषि उत्‍पादों की बिक्री, फ़ार्म सेवाओं, कृषि बिज़नेस फ़र्मों, प्रोसेसर्स, थोक विक्रेताओं  बड़े खुदरा विक्रेताओं साथ किसानों को जुड़ने के लिए,और तकनीकी सहायता सुविधा उपलब्ध कराने की बात है.

आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020- इसमें अनाज, दलहन, तिलहन, प्‍याज और आलू को आवश्‍यक वस्‍तुओं की लिस्ट से हटाने को कहा गया है.

इन विधयकों का विरोध करते हुए किसानों का और उनसे जुड़े संगठनों का कहना कि इससे पूॅंजीपतियों के हाथ में कृषि क्षेत्र चला जाएगा.

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