पटना AIIMS और IGIMS में ब्लैक फंगस के 2 नए मरीज, बिहार में कुल 8 केस

Smart News Team, Last updated: Thu, 13th May 2021, 8:39 PM IST
  • बिहार में 2 नए मरीज एक एम्स में और एक आईजीआईएमएस पटना में हुए भर्ती हैं. रुबन अस्पताल में 2 दिन पहले से 2 ब्लैक फंगस के मरीज भर्ती होकर इलाज करा रहे है. बिहार में गुरुवार तक कुल 8 ब्लैक फंगस मरीज हो गए है. पटना एम्स में ऐसे 5 मरीज मिले हैं.
पटना AIIMS और IGIMS में ब्लैक फंगस के 2 नए मरीज, बिहार में कुल 8 केस (प्रतीकात्मक फ़ोटो)

पटना. कोरोना संक्रमण से ठीक होने वालों अभी पूरी तरह से बीमारी के चुंगल से मुक्त नहीं हुए हैं. कुछ मरीजों में कोरोना संक्रमण खत्म होने के बाद नई बीमारी ब्लैक फंगस से संक्रमित हो रहें हैं, आज ऐसे ही 2 नए मरीज एक एम्स में और एक आईजीआईएमएस पटना में हुए भर्ती हैं. रुबन अस्पताल में 2 दिन पहले से 2 ब्लैक फंगस के मरीज भर्ती होकर इलाज करा रहे है. बिहार में गुरुवार तक कुल 8 ब्लैक फंगस मरीज हो गए है. पटना एम्स में ऐसे 5 मरीज मिले हैं. 

सभी का फिलहाल पटना एम्स में इलाज चली रहा है. पटना एम्स के कोरोना नोडल पदाधिकारी डॉक्टर संजीव ने बताया कि फंगस कोई नया रोग नहीं हैं यह पहले भी साउथ में चलता आ रहा है. इसके होने का एक कारण स्टेरॉइड का यूज कोरोना मरीजों के इलाज में बड़ी भूमिका है. इसका ज्यादा ही उपयोग और पेशेंट का ज्यादा समय अस्पताल में रहना कोरोना मरीज में फंगस संक्रमित का ज्यादा खतरा रहता है.

पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ीं पटना हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, जानें मामला

कोरोना वायरस के पहले फेज में यह फंगस नहीं था लेकिन दूसरे फेज में जब लंबे समय तक मरीज हॉस्पिटल में रहते हैं काफी हाइड्रोज में स्टेरॉयड चला ऐसे में किसी किसी को यह इंफेक्शन हो जा रहा है. अभी देश के दक्षिणी भाग में इंस्पेक्शन ज्यादा हो रहा है. उन्होंने बताया कि अभी हमने ओपीडी में लगभग 5 केस देखे हैं. 

बिहार में फिर बढ़ा कोरोना कर्फ्यू, नीतीश सरकार ने 25 मई तक लगाया लॉकडाउन

जिन्होंने पहले कोरोना का इलाज कराया था उनमें फंगस इंफेक्शन पाया जा रहा है. फंगस इंफेक्शन हमेशा से खतरनाक होता है. फंगल इन्फेक्शन लग्स में हो तो यह मुश्किल पैदा कर सकता है. अभी जो इंफेक्शन हो रहा है वो चेहरे के भागों में ओठ या आंख में हैं और इसका इलाज संभव है .

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें