नई शिक्षा नीति के तहत NCERT की किताबों पर रहेगा पॉक्सो ई-बाइस और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर

Smart News Team, Last updated: Sun, 30th May 2021, 1:10 PM IST
  • नई शिक्षा नीति 2020 में एनसीईआरटी के किताबों के आखरी पेज पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर और पॉस्को ई-बॉक्स नंबर दर्ज होगा. अनुचित व्यवहार होने पर बच्चों हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने शिकायत कर सकते है.
स्कूलों बच्चों से दुर्व्यवहार रोकने के लिए एनसीईआरटी की किताबों पर जारी किया जाएगा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर. ( सांकेतिक फोटो )

अभिभावक और अध्यापक बच्चों को सलाह देते थे. कि यदि किसी छात्र या छात्राएं के साथ छेड़छाड या दुर्व्यवहार होता है. तो आपकों अपनी बात उनसे साक्षा करनी चाहिए, जिनपर आ विश्वास करते है. नई शिक्षा नीति 2020 के बाद अब एनसीईआरटी ( NCERT ) की सभी किताबों के आखरी पेज पर पॉस्को ई-बॉक्स और चाइल्ट हेल्प नंबर 1098 दिया जाएगा. छात्र- छात्राओं को सलाह दी जाएंगी कि यदि आपके साथ गलत व्यवहार करता है उनकी शिकायत की जा सके. इसके लिए एनसीईआरटी ने प्रारूप तैयार कर लिया है.

नई शिक्षा नीति के आधार पर एनसीईआरटी पाठ्यक्रम तैयार करने में लगी हुई है. जानकारी के अनुसार, अभी तक कक्षा एक से लेकर पांच तक पाठ्यक्रम तैयार किया जा चुका है. पाठ्यक्रम को वेबसाइट पर भी डाल दिया गया है. एनसीईआरटी के मिली जानकारी के अनुसार, चॉल्ड हेल्पलाइन नं और पॉक्सा ई-बॉक्स की डिटेंल 12 वीं तक की किताबों पर रहेगी. 18 साल से कम आयु के बच्चे यदि किसी मुसीबत या दुविधा के शिकार है, तो वह इन नंबर पर कॉल करके उचित सलाह ले सकते है.

12 साल की लड़की से हो रही थी नाबालिग लड़के की शादी, पुलिस ने मारी एंट्री और..

सीबीएसई, मनोवैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा, एनसीईआरटी द्वारा की गई पहल काफी अच्छी है. इस कदम से बहुत घटनाएं कम होगी. गलत करने वाले भी डरेंगे. बच्चों में आत्मविश्वास आयेगा. इसके अलावा हर बच्चे के अपने अधिकारों की जानकारी होगी. आये दिन स्कूलों बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की घटना आती रहती है. इन घटनाओं के जिम्मेदार ज्यादातर वो लोग होते है. जिनको बच्चों जानते है. मनौवैज्ञानिक डॉ. बिंदा सिंह ने बताया बच्चों के अधिकार की जानकारी किताबों में देना का फैसला सराहनीय है. बच्चे खुद को गलत मानने की वजह उसका सामना कर सकेंगे.

बिहार में अब सीधे नहीं होगी गिरफ्तारी, इन मामलों में राहत, पुलिस को नई गाइडलाइन

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें