बिहार से नेपाल तक का सफर आसान, 243 किलोमीटर लंबा राम-जानकी मार्ग होगा फोर लेन

Sumit Rajak, Last updated: Sat, 22nd Jan 2022, 12:24 PM IST
  • उत्तर बिहार के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात दी है. सिवान के मेहरौना घाट से शुरू होकर सिवान, चकिया-सीतामढ़ी के भीठामोड़ होते नेपाल में समाप्त होने वाला राम जानकी मार्ग अब फोरलेन होगा. बिहार में इस सड़क की कुल लंबाई 243 किलोमीटर है. पहले इस सड़क का निर्माण दो लेन था. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सूबे के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन को पत्र लिखकर यह जानकारी दी है.
फाइल फोटो

पटना. उत्तर बिहार के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात दी है. सिवान के मेहरौना घाट से शुरू होकर सिवान, चकिया-सीतामढ़ी के भीठामोड़ होते नेपाल में समाप्त होने वाला राम जानकी मार्ग अब फोरलेन होगा. बिहार में इस सड़क की कुल लंबाई 243 किलोमीटर है. पहले इस सड़क का निर्माण दो लेन था. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सूबे के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन को पत्र लिखकर यह जानकारी दी है. राम-जानकी मार्ग की शुरुआती यूपी के अयोध्या से हो रही है. कुल परियोजना पर दो हजार करोड़ खर्च होना है. बिहार में यह सड़क सिवान के मेहरौना सीमा में प्रवेश करेगी. उसके बाद सारण जिले के मशरख से गंडक नदी पर सत्तर घाट पुल होते हुए मोतिहारी जिले के मेहसी में पहुंचेगी. मेहसी से यह सड़क शिवहर होते  सीतामढ़ी में प्रवेश करेगी और जनकपुर में समाप्त हो जाएगी. नेपाल की सीमा से अंतरराष्ट्रीय सीमा शुरू हो जाती है, इसलिए नेपाल में पड़ने वाली सड़क का निर्माण नेपाल सरकार कराएगी. 

सड़क का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से किया जाएगा. राम-जानकी पथ में सीवान जिले के दो स्टेट हाईवे को शामिल किया गया है.एसएच-47 गोपालगंज मोड़ से लेकर मेहरौना तक और एसएच-73  वैशाली से बाइसकट्ठा गांव तक 72 किलोमीटर का सड़क क्षेत्र जिले की परिधि में आएगा. प्रधानमंत्री पैकेज के तहत बनने वाली इस सड़क में सिर्फ 90 किलोमीटर से राखी ही चार लेन मानक के अनुरूप है. शेष 150 किलोमीटर 2 लेन सड़क के रूप में प्रस्तावित थी. इसी हिस्से को चार लेन करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था. सड़क में मेहरौना से सिवान तक लगभग 40 किलोमीटर लंबाई में चार लेन सड़क के लिए मार्गरेखन (एलाइनमेंट) तय हो चुका है. जमीन के भू अर्जन का कार्य प्रगति पर है. शेष 200 किलोमीटर में से 52 किलोमीटर लंबी सिवान मशरख पथांश को ही 2-लेन सड़क में विकसित करने के लिए भू- अर्जन किया गया है. शेष 31 किलोमीटर लंबी राजापट्टी फैजुल्लापुर (8 किलोमीटर) एवं केसरिया- चकिया (23 किलोमीटर) पथांश  स्कोर दो लेन सड़क में विकसित करने के लिए भू-अर्जन कार्य प्रगति पर है. चकिया-शिवहर-सीतामढ़ी भीठामोड़ पदार्थ के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जाना है.

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि राम जानकी मार्ग को फोरलेन करने के लिए 22 नवंबर को पत्र लिखा गया था. सड़क के धार्मिक महत्व को देखते हुए केंद्र ने चार लेन की मंजूरी दे दी है. इसके लिए केंद्र व केंद्रीय मंत्री के प्रति हम आभारी हैं. सड़क बनने से उत्तर बिहार के साथ ही श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा होगी.

किस रूट पर कितना खर्च                

सड़क                                  लंबाई                                  लागत 

मेहरौना-सिवान              40 किलोमीटर                     1254 करोड़ 

सिवान-मशरीख             52 किलोमीटर                     1351 करोड़ 

मशरख- चकिया            48 किलोमीटर                     1450 करोड़ 

चकिया-भीठामोड़         103 किलोमीटर                    2100 करोड़

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