भोजपुरी को नया अंदाज देने का प्रयास, विभिन्न भाषाओं के साहित्य का अनुवाद कर बना रहे पॉडकास्ट

Prachi Tandon, Last updated: Mon, 18th Oct 2021, 9:16 AM IST
  • यूपी-बिहार के युवाओं ने भोजपुरी भाषा को नया रंग-रूप देने का जिम्मा उठाया है. विभिन्न भाषाओं के साहित्य को भोजपुरी में ट्रांसलेट कर उसका पॉडकास्ट बना रहे हैं.
यूपी-बिहार के युवा कर रहे भोजपुरी को नया अंदाज देने का प्रयास, पॉडकास्ट बना बढ़ा रहे लोगों का रुझान(सांकेतिक फोटो)

पटना. भोजपुरी को दुनिया तक अलग अंदाज में पहुंचाने के लिए युवा उसे एक नया रंग-रूप देने में जुटे हैं. डिजिटल युग में पॉडकास्ट के जरिए भोजपुरी का नया अवतार सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है. हाल में युवाओं के प्रयास के बाद भोजपुरी की तरफ एकबार फिर से लोगों का रुझान बढ़ा है. यूपी और बिहार के कुछ युवाओं ने मिलकर भोजपुरी पर लगा अश्लीलता का दाग उतारने का जिम्मा लिया है. अब दुनियाभर की विभिन्न भाषाओं में लिखे साहित्य को भोजपुरी में ट्रांसलेट करके पॉडकास्ट तैयार किया जा रहा है.

भोजपुरी भाषा में तैयार दुनियाभर का साहित्य अब यायावरी वाया भोजपुरी एंड्रायड एप पर मिल रहा है. डिजिटल युग में भोजपुरी को एक नई दिशा देने पर हर तरफ सराहना मिल रही है. बक्सर के बड़का गांव के सुधीर मिश्रा और छपरा के मशरक के अनुराग रंजन देसी-विदेशी कहानियों का संकलन करते हैं फिर उ्हें रोचकता के साथ भोजपुरी में ट्रांसलेट करते हैं. बिहार के युवा और ट्रांसलेटर सुधीर मिश्रा का कहना है कि आर्थर मॉरिसन या जर्मन के हरमन हेस को भोजपुरी में सुनकर कई लोगों की प्रतिक्रिया आ रही है. हिंदी के प्रेमचंद और जैनेंद्र की कहानियों का भी भोजपुरी में अनुवाद किया जा रहा है. प्रसिद्ध लेखकों की लेखनी को भोजपुरी में ट्रांसलेट कर और पॉडकास्ट पर नए अंदाज में पेश करने के बाद से युवाओं का झुकाव एक बार फिर भोजपुरी की तरफ बढ़ा है. 

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सुधीर ने पॉडकास्ट एप के बारे में बताते हुए कहा कि भोजपुरी की अपनी ही जड़ों को पहचानने से इनकार करने वाले लोग यायावरी से महसूस कर सकेंगे कि उनकी मातृबोली कितनी ताकतवर है. इसी के साथ आखर नाम की भोजपुरी संस्था इस भाषा को अश्लीलता से मुक्ति दिलाने का प्रयास कर रही है. भोजपुरी को दुनिया के सामने एक नए अंदाज में पेश करने वालों की टीम में गौरव, आशुतोष, राहुल, मुन्ना कुमार, सुधीर, अनुराग, प्रतिमा, स्वाति, अंकिता संजय आदिशामिल हैं. टीम में अब-तक देश-विदेश की 50 से ज्यादा कहानियों को भोजपुरी में ट्रांसलिया किया जा चुका है. 

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