कोरोना का असर! शादियां हो रही रद्द, मैरिज हॉल संचालकों को हुआ करोड़ों का नुकसान

Smart News Team, Last updated: Tue, 20th Apr 2021, 3:00 PM IST
पटना में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने के कारण लोग शादियों को रद्द कर रहे हैं. बुकिंग रद्द होने से मैरिज हॉल और कम्युनिटी हॉल संचालकों को भारी नुकसान हो रहा है.अप्रैल माह की शादियों से केवल पटना में लगभग पचास करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो चुका है.
कोरोना के कारण पटना में 50% से अधिक शादियां रद्द हो चुकी हैं.

पटना. राजधानी में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे है जिसका असर अब शादी समारोह में भी दिखने लगा है. इससे कम्युनिटी हॉल, मैरिज हॉल और होटलों आदि के कारोबार पर भी प्रभाव पड़ रहा है। कोरोना संक्रमण के डर से अब तक अप्रैल से शुरू होने वाली आधी से ज्यादा शादियों की बुकिंग रद्द हो चुकी है. कम्युनिटी हॉल और मैरिज हॉल संचालकों के पास रोजाना ऐसे दर्जनों केस आ रहे हैं. लोग अपने परिवार में होने वाली शादियों की तिथियां नवंबर और दिसंबर में शिफ्ट कराना चाहते हैं. इसके लिए मैरिज हॉल को दिए गए हजारों रुपये के एडवांस को अगली तारीख में समायोजित कराने का आग्रह कर रहे हैं.

ऑल बिहार टेंट डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश सचिव नॉलेज कुमार ने बताया कि रोजाना ऐसे लोग पहुंच रहे है और अपनी आर्थिक स्थिति की दुहाई देकर एडवांस को समायोजित करने का आग्रह कर रहे है. हम लोगों की भी हालत ठीक नहीं है. एडवांस हम लोगों के पास भी नहीं है. शादी में काम करने वाले अन्य लोग जैसे हलवाई, डेकोरेशन, लाइटिंग आदि लोगों के बीच हम एडवांस दे चुके हैं. शादियां रद्द या स्थगित होने का भारी नुकसान शादी आयोजकों को होगा.

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नॉलेज कुमार ने यह भी बताया कि शादी समारोहों के रद्द होने से रोजाना केवल पटना में सवा करोड़ से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने की आशंका है. अप्रैल माह की शादियों से केवल पटना में लगभग पचास करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो चुका है. पटना शहर में लगभग छह सौ मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल, कम्युनिटी हॉल आदि है. औसतन 25 से 50 हजार रुपये आयोजन स्थलों की एडवांस बुकिंग दिया गया है.

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आपको बता दें कि शादी-समारोहों के रद्द होने से कैटरिंग, हलवाई, वेटर-मसालची, बैंड-बाजा, शहनाई वादक, सजावटकर्ता, बग्गी संचालक आदि का व्यवसाय भी पिछले साल की तरह प्रभावित होगा. मैरिज हॉल संचालक विशाल कुमार ने बताया कि एक शादी में अलग-अलग व्यवसाय से जुड़े चालीस से पचास लोगों को रोजगार मिलता है. शादियां रद्द होने का असर इन सभी पर पड़ना तय है. हलवाई शंकर कुमार ने बताया कि शादी समारोहों के रद्द होने से इस साल भी भूखे मरने की नौबत आ जाएगी. बैंड-बाजा और झाड़-फाटक की एक बुकिंग में 50 से 60 हजार रुपये खर्च होता है और इसमें 10-15 लोगों को सीधे-सीधे रोजगार मिलता है. शादियां नहीं होने से इन लोगों के कमाई पर असर पड़ रहा है.

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